भाजपा सरकार की आर्थिक नीतियों पर तीखी आलोचना
बसपा नेता आकाश आनंद ने भाजपा सरकार की आर्थिक नीतियों पर भी कड़ा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार एथेनॉल पेट्रोल के नाम पर आम जनता को 110 रुपये में गन्ने का रस बेच रही है। यह टिप्पणी ईंधन की बढ़ती कीमतों और किसानों से जुड़े मुद्दों को एक साथ जोड़ती है। उन्होंने कहा कि गन्ने से एथेनॉल बनाने की प्रक्रिया किसानों के लिए फायदेमंद होनी चाहिए। लेकिन इसका लाभ आम उपभोक्ता तक नहीं पहुंच रहा है। इससे आम आदमी पर महंगाई का बोझ लगातार बढ़ रहा है। आकाश आनंद ने 2014 से अब तक गैस सिलिंडर की कीमतों में हुई भारी वृद्धि का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने याद दिलाया कि 2014 में गैस सिलिंडर की कीमत करीब 400 रुपये थी। उस समय भाजपा के नेता सड़कों पर उतरकर महंगाई का विरोध करते थे। आज वही सिलिंडर 1,200 रुपये का हो गया है।
बुनियादी ढांचा और सरकारी कामकाज पर सवाल
आकाश आनंद ने देश में बन रहे एक्सप्रेस-वे की गुणवत्ता पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि देश में सबसे बेकार एक्सप्रेस-वे बनाए जा रहे हैं। इसके उदाहरण के तौर पर पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे का जिक्र किया। उन्होंने इन एक्सप्रेस-वे में गड्ढों की समस्या और खराब निर्माण गुणवत्ता की ओर इशारा किया। यह खराब गुणवत्ता यात्रियों की सुरक्षा के लिए खतरा है। इसके विपरीत, उन्होंने आगरा नोएडा एक्सप्रेस वे की प्रशंसा की। इस एक्सप्रेस-वे को मायावती के शासनकाल में बनाया गया था। उन्होंने दावा किया कि इतने साल बाद भी इस एक्सप्रेस-वे में एक भी गड्ढा नहीं है। यह आज भी उच्च गुणवत्ता का प्रतीक है। यह तुलना बसपा के शासनकाल में हुए विकास कार्यों की गुणवत्ता को उजागर करने का प्रयास था। आकाश आनंद ने भाजपा सरकार पर अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए केवल विज्ञापन पर भारी खर्च करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में 2017 से भाजपा की सरकार है। इन साल में सरकार ने अपनी कमियों को छिपाने के लिए 7 हजार करोड़ रुपये से अधिक टैक्स के पैसों का इस्तेमाल केवल विज्ञापन पर किया है। यह राशि जनता के पैसे की बर्बादी है। इसे विकास कार्यों में लगाया जा सकता था।
काम कोई और करता है, लेकिन फीता ये लोग काटते
बसपा राष्ट्रीय संयोजक ने भाजपा सरकार पर दूसरों के काम पर अपना झंडा लगाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि काम कोई और करता है, लेकिन फीता ये लोग काटते हैं। यह सरकार की श्रेय लेने की राजनीति को दर्शाता है। आकाश आनंद ने "डबल इंजन की सरकार" के दावे पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार होने के बावजूद उत्तर प्रदेश में 4 लाख से अधिक सरकारी पद खाली पड़े हैं। इसके अलावा, लगातार पेपर लीक होने की घटनाएं युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही हैं। यह घटनाएं उनकी उम्मीदों को तोड़ रही हैं। उन्होंने तर्क दिया कि अगर यह पैसा व्यवस्था सुधारने और रोजगार सृजन पर खर्च होता, तो आज युवा सरकारी नौकरी पा रहे होते। यह आरोप सरकार की रोजगार सृजन और प्रशासनिक दक्षता पर सीधा हमला था।
आकाश आनंद ने झांसी के एक अस्पताल में नवजात बच्चों की मौत की दुखद घटना का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस दुखद घटना पर सरकार के पास अफसोस जताने के अलावा और कुछ नहीं है। यह टिप्पणी सरकार की स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली और संवेदनशीलता की कमी को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि सरकार जनता की मूलभूत समस्याओं के प्रति उदासीन है। वह केवल अपनी छवि चमकाने में लगी है। उन्होंने राहुल गांधी की "संविधान वाली किताब" के पन्नों को खाली बताते हुए कांग्रेस पर भी निशाना साधा। यह दोहराते हुए कि कांग्रेस शासित राज्यों में भी भाजपा जैसी ही नीतियां अपनाई जा रही हैं।