उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के बैनर तले सोमवार को जिला बेसिक शिक्षाधिकारी कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन हुआ। दोहरी नियुक्ति के मामले में शिक्षक नेता के खिलाफ दी गई जांच रिपोर्ट के खिलाफ प्राथमिक शिक्षक संघ ने बीएसए कार्यालय पर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है।
जबकि दूसरे गुट ने इस जांच रिपोर्ट के आधार पर शिक्षक नेता के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर भूख हड़ताल शुरू कर दी है। अध्यक्षता संरक्षक पूर्व जिला महामंत्री निहाल सिंह और संचालन प्रवीन देव रावत ने किया।
धरना के दौरान जानकारी में आया कि जल्दबाजी में 19 नवंबर को संबंधित जांच अधिकारियों ने दोबारा दूसरी जांच आख्या 22 नवंबर को भेजी है। जांच आख्या गोपनीय होती है, लेकिन इसकी जानकारी मीडिया को कैसे हो गई। यह जांच का विषय है।
मांग की गई कि 19 नवंबर को दी गई जांच आख्या को कैसे और क्यों गायब किया गया। निष्पक्ष तथ्यों के आधार पर दोबारा अन्य सक्षम अधिकारी से जांच कराई जाए, अन्यथा प्राथमिक शिक्षक आंदोलनरत रहेंगे।
धरनास्थल पर जिलाध्यक्ष सुरेश कुमार शर्मा, जिला मंत्री विजयवीर सिंह, सुभाषचंद्र शर्मा, कोमल प्रसाद त्रिपाठी, गोविंद रावत, संतोष शर्मा, वीरेंद्र सिंह, उमेश दीक्षित, शशि कुलश्रेष्ठ, योगेंद्र कुमार शर्मा, संतोष कुमार, नरेंद्र सिंह सिकरवार, मोनू बंसल, कौशल किशोर यादव, वीर बहादुर सिंह, जितेंद्र शर्मा, लाल सिंह वर्मा, रविन दीक्षित, मनोज कुमार आदि थे।
धरना-प्रदर्शन के दौरान 3 अधिकारी द्वारा कोई आश्वासन नहीं दिए जाने पर धरना-प्रदर्शन को अन्य कार्य दिवस में भी जारी रखने का निर्णय लिया गया।
वहीं बीएसए कार्यालय पर भूख हड़ताल कर रहे बाबूलाल पुत्र प्यारेलाल ने बताया कि अपने पिताजी की मौत केे बाद शिक्षक नेता सुरेश कुमार शर्मा और उनकी बहन ममतेश ने मृतक आश्रित कोटे के तहत दोहरा लाभ जानबूझकर लिया था।
शिकायत होने पर वर्ष 2003 में तत्कालीन बीएसए टीएन पचौरी द्वारा सुरेश कुमार शर्मा की सेवा समाप्त कर दी गई थी, लेकिन राजनीतिक दबाव और स्वयं सुरेश कुमार द्वारा अपना पक्ष दोबारा सुनने के आग्रह पर डीएम द्वारा जंाच कराने का आग्रह किया गया था।
13 साल बाद भी जब जांच पूरी नहीं की गई तो रिटायर्ड प्रधानाध्यापक बाबूलाल और अन्य लोगों द्वारा 17 मई 2016 को तहसील दिवस सादाबाद में शिकायत की गई, जिसमें छह माह बाद समाचार पत्र के माध्यम से पता चला कि जांच पूरी हो चुकी है और सुरेश कुमार को पूर्ण रूप से दोषी पाया गया है।
जांच की आख्या 23 नवंबर को तीन सदस्यीय टीम द्वारा दिए जाने के बाद भी बीएसए ने जानबूझकर कोई कार्रवाई नहीं की, इसलिए उन्होंने बीएसए कार्यालय पर भूख हड़ताल शुरू कर दी।
बाबूलाल ने बताया कि वह तब तक भूख हड़ताल पर बैठेंगे, जब तक कि शिक्षक नेता की सेवा समाप्त कर एफआईआर दर्ज नहीं कराई जाती, जिससे समाज में न्याय और नैतिकता की बहाली की जा सके।