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बिजली स्टोर पर जेई-स्टोर कीपर में झगड़ा

Mon, 05 Dec 2016 11:49 PM IST
अमर उजाला, हाथरस
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पॉवर कट - फोटो : अमर उजाला
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ओढ़पुरा बिजलीघर के भंडारगृह पर जेई और स्टोर कीपर के बीच झगड़ा हो गया। यह झगड़ा स्टोर से लिए गए सामान के कागजातों पर हस्ताक्षर के विवाद पर हुआ। जेई ने स्टोर कीपर पर मारपीट, गाली-गलौज करने और कनपटी पर रिवॉल्वर तानकर जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए कोतवाली हाथरस गेट में तहरीर दी है।
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पुलिस आरोपों की जांच में  जुट गई है।तहरीर में 33 केवी गिजरौली उपकेंद्र पर तैनात जेई मनोज कुमार वर्मा का आरोप है कि वह सोमवार को शाम करीब पौने पांच बजे ओढ़पुरा स्थित विभागीय स्टोर पर सामान की इनवायस साइन करने के लिए गए। तभी स्टोर कीपर अवधेश कुमार त्यागी ने उनसे धक्का-मुक्की और गाली-गलौज करते हुए अभद्रता की।

उनके इस दुर्व्यवहार का विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की और ऑफिस से बाहर खींचकर अपनी रिवाल्वर उनकी कनपटी पर तान दी। उनका विभागीय मोबाइल फोन भी छीन लिया। वह बमुश्किल अपनी जान बचाकर वहां से भागे। इसकी सूचना उन्होंने उच्चाधिकारियों को भी दे दी है। 
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इधर, स्टोर कीपर अवधेश कुमार का कहना है कि जेई सरासर झूठ बोल रहे हैं। मंगलवार की छुट्टी है, इसलिए वह खुद बुधवार को इस मामले में क्रॉस तहरीर देंगे। उनका कहना है कि जेई स्टोर से लिए गए सामान की इनवायस पर साइन करने में आनाकानी कर रहे थे। उन्होंने जेई से कहा कि वह अपने एई और ठेकेदार को लेकर आएं और इनवायस पर साइन करके सामान ले जाएं।

आरोप है कि इस पर जेई बिगड़ गए और उन्होंने मेरे साथ बदतमीजी शुरू कर दी। वह जाते-जाते उन्हें देख लेने और जान से मारने की धमकी देकर गए और अपना मोबाइल फोन जल्दबाजी में वहीं छोड़ गए, जोकि मेरे पास सुरक्षित रखा हुआ है। जेई के व्यवहार से मैं ही नहीं, बल्कि उनके क्षेत्र के तमाम उपभोक्ता भी त्रस्त हैं।

जेई की तरफ से तहरीर मिल गई है। इसमें लगाए गए आरोपों का परीक्षण कराया जा रहा है। जांच के बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा।
- रजनेश तिवारी, कोतवाल हाथरस गेट

वहीं विद्युत महकमे ने सहपऊ के गांव धाधऊ की बिजली को रविवार में गुल कर दिया। इसे लेकर सोमवार को गांव के काफी लोगों ने अवर अभियंता को घेर लिया और बिजली आपूर्ति सुचारू कराए जाने की मांग की। गांव धाधऊ के ग्रामीणों पर करीब 18 लाख रुपये का बकाया चल रहा था। इस बकाए को वसूलने के लिए बिजली महकमे ने कई बार प्रयास किए।   शिविर भी लगाए, लेकिन लोगों ने विभाग का बकाया जमा नहीं किया। इस वजह से रविवार को महकमे ने पूरे गांव की बिजली को बंद कर दिया, जिससे रविवार को पूरे दिन रात तक लोग बिना बिजली के बेहाल हो गए। खेतीबाड़ी के कार्यों में भी किसानों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इसे लेकर आक्रोशित लोगों ने सोमवार को अवर अभियंता कमल सिंह को घेर लिया।   अवर अभियंता ने ग्रामीणों से कहा कि बकाया जमा करने और उच्चाधिकारियों से वार्ता के बाद ही गांव की बिजली आपूर्ति बहाल की जा सकती है। एसडीओ हरिओम सोनी ने बताया कि गांव प्रधान ने 14 दिसंबर को गांव में कैंप लगाए जाने की मांग की है। कैंप में विभाग के बकाए को जमा कराने का आश्वासन दिया है, इसलिए गांव की बिजली को सोमवार को बहाल करा दिया।
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