इस संबंध में बीएसए कार्यालय से 29 अप्रैल 2025 को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब प्रस्तुत करने के लिए कहा गया। आरोपी ने आठ मई 2025 को बीएसए कार्यालय में अपना जवाब प्रस्तुत किया। यह साक्ष्य रहित व आधारहीन व असंतोषजनक पाया गया। इसके बाद बीएसए कार्यालय ने 24 मई 2025 को अंतिम नोटिस जारी कर इस संबंध में अपना जवाब प्रस्तुत करने के लिए कहा, लेकिन मुजाहिद हुसैन कोई जवाब प्रस्तुत नहीं कर सके।
बीएसए कार्यालय से चार जून 2025 को आरोपी शिक्षक को इस संबंध में अपना पक्ष प्रस्तुत करने के लिए एक बार फिर अवसर दिया गया, लेकिन इसके बावजूद कोई भी जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया। इसपर बीएसए ने बर्खास्तगी की कार्रवाई की।
फर्जी प्रमाणपत्रों से विभाग में नियुक्ति हासिल करने वाले शिक्षक की सेवा समाप्त कर दी गई है। बीईओ को आरोपी शिक्षक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने व नियुक्ति काल में प्राप्त किए गए वेतन की रिकवरी करने के आदेश दिए गए हैं। इस संबंध में उच्चाधिकारियों को भी अवगत करा दिया गया है। - स्वाति भारती, बीएसए, हाथरस।