इस दुर्घटना के लिए इगलास से लेकर सादाबाद तक की पुलिस भी कम लापरवाह नहीं है। हालात ये हैं कि इगलास से शहजाद अपनी दो बहनों व तीसरी सहेली को बाइक पर लेकर फर्राटा भरता जा रहा था। न उसके सिर पर हेलमेट था, न किसी अन्य के। इगलास से चलकर वह बाईपास के रास्ते चंदपा होता हुआ सादाबाद तक पहुंच गया मगर न तो किसी जगह उसे पुलिस ने रोका और न टोका। कहने को इगलास से चलने पर उसे एक थाना चंदपा तो हाईवे पर ही मिला। इसके अलावा कई चौराहों पर भी पुलिस मिली होगी। अगर चार लोगों को बाइक पर देखकर कहीं रोक लिया गया होता तो शायद यह हादसा न होता।
शहजाद की मौत से बुझा घर का इकलौता चिराग
सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए 24 वर्षीय शहजाद को भी देर शाम मृत घोषित कर दिया गया। इस खबर पर परिजनों में कोहराम मच गया। शहजाद घर का इकलौता चिराग था। चार बहनों का अकेला भाई था।
शव सीएचसी पर पहुंचे तो मची चीख-पुकार
सड़क हादसे में तीन छात्राओं की मौत के बाद जब उनके शव सादाबाद के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचे तो वहां आए कुछ परिजनों में कोहराम मच गया। तीनों के शवों को देखकर चीख-पुकार मच गई। मृतकों के परिवार की दो महिलाएं चीख-चीखकर रोने लगीं। यह देखकर स्वास्थ्य केंद्र पर मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। इस घटना को लेकर लोगों ने काफी दुख जताया।