दीपावली पर हवा की गुणवत्ता गिरते ही जिला अस्पताल में सांस के मरीजों की संख्या बढ़ गई। इमरजेंसी से लेकर ओपीडी तक फेफड़ों के संक्रमण से ग्रसित मरीजों की कतार लगी रही। दिन भर में 700 मरीजों का परीक्षण किया गया, जिनमें से 230 मरीज सांस संबंधी रहे।
दीपावली की रात से ही इमरजेंसी में सांस फूलने की शिकायत वाले मरीज आना शुरु हो गए थे। इनमें 40 वर्ष से अधिक उम्र वालों की संख्या ज्यादा थी। इन मरीजों को ऑक्सीजन देनी पड़ी। रातभर में एक दर्जन मरीज सांस रोग से संबंधित थे। मंगलवार को दिन भी सांस के रोगी इमरजेंसी में आए। इमरजेंसी में 67 मरीजों का परीक्षण किया गया, जिनमें से 11 को भर्ती किया गया। मंगलवार को ओपीडी शुरु होने के बाद भी इमरजेंसी मरीजों से भरी रही।
इधर, ओपीडी में 738 मरीजों का परीक्षण हुआ। फिजिशियन डाॅ. अवधेश कुमार छुट्टी से वापस आ गए। उनके कक्ष पर मरीजों की लंबी कतार लगी रही। ओपीडी में 163 सांस संबंधी मरीज आए। 145 मरीज वायरल बुखार, 112 हड्डी रोग, 55 ईएनटी और 263 अन्य बीमारियों के मरीज थे। जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. सूर्यप्रकाश का कहना है कि अस्पताल आए सभी मरीजों को परामर्श दिया गया है।