प्यार जब परवान चढ़ता है, तो वह न तो मजहब की दीवारें देखता है और न ही समाज की बंदिशें। कुछ ऐसा ही नजारा सोमवार को हाथरस में देखने को मिला, जहां प्यार की खातिर लखीमपुर खीरी की एक मुस्लिम युवती तमाम सामाजिक जंजीरों को तोड़कर अपने प्रेमी के घर जा पहुंची। पीछे-पीछे आए सगे भाई के मिन्नतें करने के बाद भी प्रेमिका अपने फैसले पर अड़ी रही और साफ कह दिया अब जान जाए या रहे, रहूंगी तो यहीं।
यह पूरी दास्तान तीन साल पहले नोएडा के सेक्टर-80 से शुरू हुई थी। हाथरस गेट कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला रमनपुर निवासी अनुसूचित जाति का युवक और लखीमपुर खीरी की रहने वाली मुस्लिम युवती नोएडा में रहने के दौरान एक-दूसरे के संपर्क में आए थे। धीरे-धीरे यह मुलाकात गहरी मोहब्बत में बदल गई। मजहब और जाति अलग होने के कारण दोनों जानते थे कि राह आसान नहीं है, लेकिन वे दिल हार चुके थे।
रविवार रात को युवती अचानक लखीमपुर स्थित अपने घर से लापता हो गई। सोमवार को वह सीधे हाथरस के तालाब चौराहा पहुंच गई, जहां प्रेमी उसे अपनी बाइक पर बैठाकर रमनपुर स्थित अपने घर ले आया। इधर, बहन का पीछा करते-करते उसका सगा भाई भी हाथरस की गलियों में ढूंढता हुआ सीधे प्रेमी के घर धमक गया।
युवती ने परिवार से बताया जान का खतरा
भाई ने जब बहन को लोक-लाज का वास्ता देकर और समझा-बुझाकर वापस घर ले जाने की कोशिश की, तो रमनपुर में हंगामा खड़ा हो गया। देखते ही देखते वहां भीड़ जमा हो गई। हाथरस गेट कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस के सामने ही प्रेमिका ने अपने परिजनों और मामा पर मारपीट का गंभीर आरोप लगाया। उसने चीखते हुए कहा कि अगर वह वापस घर गई, तो उसके अपने ही परिवार वाले उसकी जान ले लेंगे। उसे अपनी जान का सीधा खतरा है।
एक साल पहले भी आई थी
प्रेमी के परिजनों ने बताया कि यह कोई पहली बार नहीं है। ठीक एक साल पहले भी युवती इसी तरह हाथरस आ गई थी, लेकिन तब उन्होंने समझा-बुझाकर उसे उसके परिवार के साथ वापस भेज दिया था। इस बार वह पूरी तैयारी और आर-पार के मूड में आई है।
मामला संज्ञान में आया है। युवती व युवक बालिग है। शिकायत मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
-नितिन कसाना, एसएचओ हाथरस गेट