हाथरस के पूर्व चेयरमैन आशीष शर्मा ने बीड़ा उठाया है कि कलश में ब्रज 84 कोस से ब्रज की रज और प्रमुख मंदिरों से चंदन एकत्रित कर अयोध्या ले जाएंगे। गिरिराजजी की प्रेरणा से वे अयोध्या की गलियों में ब्रजरज, ब्रज का चंदन और इत्र का छिड़काव करेंगे।
22 जनवरी को रामलला के विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर तैयारियां अंतिम दौर में हैं। इसके लिए ब्रजभूमि से ब्रजरज, चंदन व इत्र ले जाकर अयोध्या की गलियों में डालकर प्रभु श्रीराम का स्वागत किया जाएगा। इस कार्य का बीड़ा उठाया है हाथरस के पूर्व चेयरमैन आशीष शर्मा ने।
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पूर्व चेयरमैन कलश में ब्रज 84 कोस से ब्रज की रज और प्रमुख मंदिरों से चंदन एकत्रित कर अयोध्या ले जाएंगे। सोमवार को वे कलश लेकर गोवर्धन के दानघाटी मंदिर पहुंचे। पूर्व चेयरमैन ने बताया कि गिरिराजजी की प्रेरणा से वे अयोध्या की गलियों में ब्रजरज, ब्रज का चंदन और इत्र का छिड़काव करेंगे। इत्र तैयार कराया जा रहा है। उन्होंने दानघाटी मंदिर में गिरिराजजी की पूजा अर्चना की और गोवर्धन को यात्रा का 66वां कोस बताया। इस मौके पर शिब्बो बाबा, ललित शर्मा, सियाराम शर्मा, हरवान सिंह आदि मौजूद थे।