कर्मचारियों का आरोप है कि पिछले कई दिनों से ठेकेदार द्वारा असंवैधानिक नियम लागू कर कर्मचारियों का उत्पीड़न किया जा रहा है। इस बारे में प्लांट प्रबंधन और ठेका एजेंसी के अधिकारियों को भी अवगत कराया जा चुका है, लेकिन कर्मचारियों की मांगें नहीं मानी गईं।
ठेकेदार की मनमानी के खिलाफ सलेमपुर स्थित भारत पेट्रोलियम प्लांट के संविदा कर्मचारियों ने 30 जनवरी से टाइगर मजदूर संगठन के बैनर तले धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। कर्मचारियों ने ठेकेदार के खिलाफ नारेबाजी की।
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कर्मचारियों का आरोप है कि पिछले कई दिनों से ठेकेदार द्वारा असंवैधानिक नियम लागू कर कर्मचारियों का उत्पीड़न किया जा रहा है। इस बारे में प्लांट प्रबंधन और ठेका एजेंसी के अधिकारियों को भी अवगत कराया जा चुका है, लेकिन कर्मचारियों की मांगें नहीं मानी गईं। कर्मचारियों ने आंदोलन की जानकारी प्लांट प्रबंधन और जिला प्रशासन को भी दे दी थी। बृहस्पतिवार को सुबह छह बजे से कर्मचारी धरने पर बैठ गए।
टाइगर मजदूर संगठन के अध्यक्ष सुनील कुमार, मंत्री योगेश टाइगर व बबलू ने ने बताया कि ठेकेदार कर्मचारियों पर संगठन से हटने के साथ किसी भी जायज मांग के लिए शिकायत नहीं किए जाने का दबाव बना रहे हैं। वह उन पर आठ घंटे से अधिक काम करने का दबाव बना रहे हैं और निर्धारित 526 रुपये से भी कम मजदूरी का भुगतान कर रहे हैं। जब तक अतिरिक्त कार्य करने पर ओवरटाइम का भुगतान करने सहित अन्य मांगों को नहीं माना जाएगा, तब तक धरना जारी रहेगा।
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धरने पर बैठने वालों में पंकज कुमार, बदन सिंह, राजकुमार, राजेश सिंह, अजयपाल सिंह, विजेंद्रपाल सिंह, राजवीर सिंह, अर्जुन सिंह, मुनेंद्रपाल सिंह, विजय सिंह, भूपेंद्र कुमार, धर्मेंद्र सिंह आदि अनेक कर्मचारी शामिल थे।