हाथरस। जिलेभर में पानी का काला कारोबार खूब फल-फूल रहा है। पानी माफिया शुद्ध पानी के नाम पर लोगोें को जहर परोस रहे हैं। जिले में कई स्थानों पर गैर लाइसेंसी पैकेज्ड वॉटर की फैक्ट्रियां चल रही हैं। धड़ल्ले से इन फैक्ट्रियों से पानी की सप्लाई शहर से लेकर कस्बों में दुकान-दुकान तक हो रही है, लेकिन प्रशासन बेसुध है।
अत्यधिक दोहन के कारण आज जिले में लगातार जल स्तर नीचे जा रहा है। पिछले दिनों एनजीटी द्वारा जारी एक रिपोर्ट में हाथरस के पानी को जहरीला बताया गया है। ऐसे में इसका फायदा पानी माफियाओं ने उठाना शुरू कर दिया है। जिले में शहर से लेकर कस्बों व गांव तक पानी के काले कारोबार का जाल फैल गया है। जगह-जगह अनाधिकृत फैक्ट्रियाें का संचालन हो रहा है। फैक्ट्री संचालकों पर कोई वैद्य लाइसेंस भी नहीं है, लेकिन कई साल से यह फैक्ट्री धड़ल्ले से चल रही हैं। इन पर आज तक कोई कार्रवाई भी नहीं हुई है। हालात ये हैं कि दो दर्जन से अधिक की तादाद में खुलीं पानी की फैक्ट्रियों से पानी के सीलबंद पाउच और बोतल दुकान तक पहुंच रही हैं। अधिक कमीशन के चलते दुकानों से इनकी धड़ल्ले से बिक्री की जा रही है। विभिन्न नामों से पानी के पाउच और बोतल बाजारों में बिक रहे हैं, लेकिन इन पाउचों और बोतलों में मिनरल वाटर के नाम पर दूषित और सादा पानी भरा जा रहा है। सरासर, लोगों की सेहत से खिलवाड़ किया जा रहा है। एफडीए द्वारा भी पानी के नमूने लेने में कोताही बरती जा रही है।