वित्तीय वर्ष 2025-26 की विदाई के दिन सरकारी और प्रशासनिक विभागों में बजट खपाने की जबरदस्त होड़ देखने को मिली। इसे आंकड़ों की बाजीगरी कहें या खर्चे की रफ्तार, वित्तीय वर्ष के अंतिम सप्ताह में सरकारी खजाने से करोड़ों नहीं, बल्कि अरबों रुपये खर्च किए गए। मार्च माह में कुल 2,73,67,28,052 की भारी-भरकम राशि विभिन्न मदों में खर्च की गई है।
वित्तीय वर्ष के आखिरी पांच दिनों में धड़ल्ले से करोड़ों रुपये रोज के बिलों का भुगतान विभागों ने किया। 25 मार्च से 31 मार्च तक करोड़ों के बिल पास हुए हैं। हैरानी की बात यह है कि अकेले 30 मार्च को ही 35.38 करोड़ से अधिक की धनराशि खर्च की गई। बजट लैप्स होने के डर से विभाग अंतिम समय में भुगतान प्रक्रियाओं में तेजी लाते हैं, जिसका असर इन आंकड़ों में साफ झलक रहा है।
31 मार्च की देर रात तक कार्यालयों में हलचल रही और साल भर से अटके हुए भुगतानों को अंतिम रूप दिया गया, ताकि नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत नई उम्मीदों और नए बजट के साथ की जा सके। एक ही सप्ताह में इतनी बड़ी राशि का ट्रांजेक्शन प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
दिनांक खर्च की गई धनराशि
25 मार्च 15,04,34,412
26 मार्च 1,68,06,979
27 मार्च 6,82,89,996
30 मार्च 35,38,65,112
31 मार्च 12,43,04,168
जिन परियोजनाओं में भुगतान लंबित था, उनमें संबंधित अधिकारियों को निर्देशित कर भुगतान कराया गया है।
-अतुल वत्स, डीएम