भाजयुमो के कार्यकर्ता चेयरमैन को टैक्स वसूली पर रोक लगाए जाने के लिए ज्ञापन देते हुए।
- फोटो : अमर उजाजा
सपा सरकार में नगर पालिका प्रशासन द्वारा स्वकर निर्धारण के तहत डाले गए गृह और जलकर के बोझ से शहरवासी खासे टेंशन में हैं। सपा सरकार में लगाए गए टैक्स को माफ कराए जाने के लिए भाजपाई भी जुट गए हैं और इसका पार्टी में ही विरोध शुरू हो गया है। पालिका के टैक्स को लेकर राजनीति भी शुरू हो गई है। भाजपा नेताओं ने लोगों का टैक्स माफ कराए जाने का बीड़ा उठाया है और टैक्स की बढ़ी हुई दरों का विरोध शुरू कर दिया है।
टैक्स के नोटिस जब लोगों के पास हजारों और लाखों में पहुंचे तो लोग सन्न रह गए। पालिका में आपत्ति दर्ज करने के लिए काउंटर भी लगाया गया है। बता दें कि पालिका प्रशासन ने स्वकर निर्धारण के तहत शहर में सर्वे कराया था, जिसमें लगभग 32 हजार 400 से अधिक भवन चिह्नित किए गए। सर्वे के बाद से अब तक लगभग 12 हजार लोगों को गृह और जलकर के नोटिस भेजे जा चुके हैं और लगभग डेढ़ हजार लोगों ने टैक्स पर आपत्ति दर्ज कराई है।
टैक्स का बोझ जब लोगों पर पड़ा तो लोगों ने आपत्ति दर्ज कराई और चेयरमैन डौली माहौर से भी शिकायत की। लोगों के हित में सबसे पहले चेयरमैन डौली माहौर व उनके प्रतिनिधि वासुदेव माहौर ने कहा था कि टैक्स ज्यादा है तो आपत्ति मांगी गई हैं।
शासनादेश के अनुसार ही टैक्स लगाया जा रहा है। उत्तर प्रदेश में यदि भाजपा की सरकार आती है तो टैक्स कम कराने के प्रयास किए जाएंगे। इसके बाद बागला कॉलेज में जब चुनावी जनसभा हुई तो भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के समक्ष भाजपा प्रत्याशी हरीशंकर माहौर ने मंच से कह दिया था कि नगर पालिका द्वारा जो टैक्स लगाया जा रहा है, वह पूरी तरह से गलत है। उसे माफ कराए जाने के प्रयास किए जाएंगे। अब भाजयुमो के ब्रज प्रांत कोषाध्यक्ष अमित भौतिका ने भी टैक्स वसूली को रोकने के संबंध में चेयरमैन को ज्ञापन दिया है।