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Hathras: किसान नेता टिकैत ने की घोषणा, आलू भंडारण भाड़े में वृद्धि का विरोध करेगी भाकियू

Thu, 13 Feb 2025 01:49 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस

सार

किसान नेता चौधरी राकेश सिंह टिकैत ने किसान पंचायत में घोषणा आलू भंडारण के भाड़े में बढ़ोतरी पर घोषणा की। उन्होंने कहा कि कोल्ड स्टोरों में आलू भंडारण भाड़े में बढ़ोतरी नाजायज है। भाकियू इसके विरोध में आंदोलन करेगी।
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किसानों को संबोधित करते राकेश टिकैत - फोटो : संवाद
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विस्तार
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भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश सिंह टिकैत ने कहा कि केंद्र सरकार वन नेशन वन इलेक्शन का नियम लागू करना चाहती है। इससे पहले उसे वन नेशन-वन एजुकेशन, वन नेशन-वन हेल्थ का कानून लागू करना चाहिए। कोल्ड स्टोरों में आलू भंडारण भाड़े में बढ़ोतरी नाजायज है। भाकियू इसके विरोध में आंदोलन करेगी।

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टिकैत 12 फरवरी को नगर के नगर पालिका क्रीड़ा स्थल में आयोजित किसान पंचायत को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने एमएसपी लागू करने और सड़क के किनारे किसानों की भूमि के सर्किल रेट बढ़ाए जाने की मांग भी उठाई। अंत में उपजिलाधिकारी को सात सूत्री ज्ञापन सौंपा गया। टिकैत ने किसानों से कहा कि उनका ट्रैक्टर कभी भी अनुपयोगी नहीं हो सकता। जब तक ट्रैक्टर चलेगा, उसकी मरम्मत करके उसको चलाओ।

उन्होंने कहा कि किसान इस देश का अन्नदाता है, लेकिन केंद्र सरकार की गलत नीतियों के कारण उत्तर प्रदेश बिहार बनता जा रहा है, जहां भारी तादाद में श्रमिक मिलते हैं। सरकार की मंशा किसानों से जमीन छीनकर पूंजीपतियों को देने की है, ताकि किसान मजदूर बनकर पूरी जिंदगी उनकी चाकरी कर सके। उन्होंने कहा कि प्रत्येक गांव में 15 किसानों की एक कमेटी बनाई जाए, जोकि क्षेत्र की समस्या को लेकर संबंधित अधिकारियों से मिले। यदि अधिकारी नहीं मिलता है तो प्रतिदिन आठ घंटे लगातार जाकर उसके कार्यालय के समक्ष धरना दें।

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उन्होंने कहा कि किसी भी कीमत पर पुलिस से नहीं उलझना है। जो काम आंदोलन व धरने से हो सकता है, वह टकराव से कभी नहीं हो सकता। टिकैत ने कहा कि इस बजट में दुग्ध उत्पादकों के लिए केंद्र सरकार ने कुछ भी नहीं किया। सरकार सड़कों के किनारे किसानों की जमीन का अधिग्रहण तो कर रही है, लेकिन उसके सर्किल रेट नहीं बढ़ाए गए हैं, यह भी किसानों के साथ अन्याय है। केंद्र सरकार का एकमात्र उद्देश्य देश के सभी संसाधनों को पूंजीपतियों के हवाले करना है।

बिजली के निजीकरण का विरोध करते हुए टिकैत ने कहा कि बिजली महंगी हो जाएगी तो किसानों के सामने बड़ी समस्या पैदा होगी। जहां-जहां निजी क्षेत्र में बिजली आपूर्ति की जिम्मेदारी दी गई है, वहां पर रोज बवाल हो रहा है। टिकैत के संबोधन के दौरान किसान यूनियन जिंदाबाद, जय जवान जय किसान के नारे लगते रहे।

पंचायत को कई जिलों से आए किसान नेताओं ने संबोधित किया। पंचायत में आई महिला किसान नेताओं का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया।पंचायत को राजपाल शर्मा, ओमपाल सिंह ताल्याण, विमल तोमर, सुंदर सिंह, राजेंद्र सिंह, देवी सिंह यादव, ओपी कमांडो, रामअवतार यादव, चंद्रेश चौधरी, बाबा रामखिलाड़ी आदि ने भी संबोधित किया।
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