उन्होंने कहा कि किसी भी कीमत पर पुलिस से नहीं उलझना है। जो काम आंदोलन व धरने से हो सकता है, वह टकराव से कभी नहीं हो सकता। टिकैत ने कहा कि इस बजट में दुग्ध उत्पादकों के लिए केंद्र सरकार ने कुछ भी नहीं किया। सरकार सड़कों के किनारे किसानों की जमीन का अधिग्रहण तो कर रही है, लेकिन उसके सर्किल रेट नहीं बढ़ाए गए हैं, यह भी किसानों के साथ अन्याय है। केंद्र सरकार का एकमात्र उद्देश्य देश के सभी संसाधनों को पूंजीपतियों के हवाले करना है।
बिजली के निजीकरण का विरोध करते हुए टिकैत ने कहा कि बिजली महंगी हो जाएगी तो किसानों के सामने बड़ी समस्या पैदा होगी। जहां-जहां निजी क्षेत्र में बिजली आपूर्ति की जिम्मेदारी दी गई है, वहां पर रोज बवाल हो रहा है। टिकैत के संबोधन के दौरान किसान यूनियन जिंदाबाद, जय जवान जय किसान के नारे लगते रहे।
पंचायत को कई जिलों से आए किसान नेताओं ने संबोधित किया। पंचायत में आई महिला किसान नेताओं का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया।पंचायत को राजपाल शर्मा, ओमपाल सिंह ताल्याण, विमल तोमर, सुंदर सिंह, राजेंद्र सिंह, देवी सिंह यादव, ओपी कमांडो, रामअवतार यादव, चंद्रेश चौधरी, बाबा रामखिलाड़ी आदि ने भी संबोधित किया।