हाथरस। 1008 भगवान श्री पार्श्वनाथ जयंती महोत्सव के अवसर पर पहली बार तीर्थंकर जन्म भूमि विधान राकेश भैय्या के सानिध्य में शुरू हुआ। सोमवार को सुबह मूलनायक अभिषेक हुआ। भगवान की शांतिधारा, नित्य नियम पूजा, इंद्र प्रतिष्ठा, माडना प्रतिष्ठा, मंगल कलश स्थापना के साथ तीर्थंकर जन्म भूमि विधान कराया जाएगा।
राकेश भैयाजी ने बताया कि तीर्थंकर विधान का आयोजन 24 तीर्थंकर की जन्म भूमि को नमन के लिए किया गया है। आज विधान में अयोध्या में जन्मे पांच तीर्थंकर की पूजा की गई। यह विधान गणमती, ज्ञानमती माताजी जम्बूदीप हस्तिनापुर द्वारा रचित विधान से किया जा रहा है।
इस विधान में शंतीधारा की बोली पंकज जैन ट्रक वालों की ओर से ली गई। मंगल कलश की स्थापना पवन जैन सुनीता जैन ने किया। मंगलदीप की स्थाना पंकज जैन ने की।
उन्होंने कहा कि कमलेश देवी जैन औषधालय हलवाई खाना में गरीबों के लिए 5 दिन तक आखों की जांच एवं चश्मा वितरण के साथ निशुल्क दवा वितरित की जाएंगी।
पूजन में वीरेंद्र कुमार जैन, राकेश जैन, भाग चंद्र जैन, मुकेश जैन, संजीव जैन, राजेश जैन, शांति लाल जैन, जैन नवयुवक सभा अध्यक्ष उमाशंकर जैन, लालता प्रसाद जैन, सुनीत जैन, कमलेश जैन, सुधीर जैन, अमित जैन, जिनेंद्र जैन सिम्पल, नरेंद्र जैन, संजीव जैन, कैलाश चंद्र जैन, अनिल जैन, उमेश चंद्र जैन, अनूप जैन, निखिल जैन सहित काफी महिलाएं शामिल हुईं।