सीओ सिटी के पीछे जाता हुआ आरोपी
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ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर हजारों लोगों को ठगने वाला पीयूष मित्तल और उसका गिरोह जिस एप के जरिये ठगी कर रहा था, वह भी फर्जी था। यह एप गूगल सहित किसी भी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध नहीं था।
पुलिस के अनुसार ये लोग लिंक भेजकर एप मोबाइल में डाउनलोड कराते थे। गेम डाउन लोड होने के बाद गिरोह के सदस्य ऑनलाइन गेम खेलने के लिए इन लोगों को कोड मुहैया कराते थे। इस कोड के जरिए गेम में पहले जीत दिलाकर लालच बढ़ा देते थे। इसके बाद धीरे-धीरे गेम में पैसे लगवाते जाते थे। जब गेम में 20 से 25 लाख रुपये तक रकम लोग हार जाते थे।
पैसा दो गुना होने का भी देते थे लालच
पूछताछ में यह भी सामने आ रहा है कि गेम के दौरान ऑनलाइन सट्टे के जरिये पैसों को दोगुने करने का लालच भी दिया करते थे। पुलिस अब तक की ठगी का शिकार हुए लोगों की जानकारी करने में जुट गई है।
मोबाइल और लेपटॉप से खुलेंगे कई राज
शाम को पुलिस ने जैसे ही घर पर दबिश दी तो पुलिस ने सबसे पहले आरोपी के मोबाइल और लेपटॉप को अपने कब्जे में लिया। पुलिस उक्त मोबाइल को खंगालने में जुट गई है। इस मोबाइल के जरिए पुलिस ऑनलाइन गेम में फंसने वाले लोगों का डाटा निकाल रही है।