मनरेगा भुगतान में लापरवाही पर बीडीओ हाथरस व मुरसान को फटकार
बीडीओ हाथरस से स्पष्टीकरण तलब, मुरसान बीडीओ के खिलाफ कार्रवाई के लिए सीडीओ को निर्देश
शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही बरत रहे विभागीय अधिकारी
अमर उजाला ब्यूरो
हाथरस। कलेक्ट्रेट सभागार में उत्तर प्रदेश सरकार की कन्या सुमंगला योजना, अस्थायी गौवंश आश्रय स्थल एवं प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना की डीएम प्रवीण कुमार लक्षकार ने समीक्षा की।
मनरेगा के बारे में पीडी ने जानकारी देते हुए बताया कि अब तक 91 प्रतिशत की प्रगति हुई है। सितंबर में निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष 77 प्रतिशत लक्ष्य की प्राप्ति हुई है। जिसमें हाथरस में कम प्रगति होने पर द्वारा बीडीओ का स्पष्टीकरण जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि 15 दिन के अन्दर कार्य में सुधार में नहीं किया जाता है तो सीडीओ को कार्यवाही करने के निर्देश दिये। मुरसान की प्रगति कम होने पर नाराजगी जाहिर करते हुए कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
श्रमिकों का भुगतान हसायन में सबसे अधिक बकाया होने पर कारणों के विषय में जानकारी की तथा तत्काल श्रमिको के मानदेय का भुगतान किये जाने के निर्देश दिये। भुगतान के संबंध में बीडीओ हाथरस तथा बीडीओ मुरसान को क़डी फटकार लगाई गई। हाथरस में 11वें दिन तक मास्टर रोल की फीडिंग न होने पर बीडीओ हाथरस के खिलाफ कठोर कार्रवाई के लिए सीडीओ को निर्देश दिए। आवास के सम्बन्ध में तृतीय किस्त किसी भी लाभार्थी को अब तक न दिये जाने पर कड़ी नाराजगी जाहिर की।
बैठक में जिला प्रोबेशन अधिकारी गमपाल सिंह द्वारा अवगत कराया गया कि जनपद में अभी तक योजना के अन्तर्गत 12,000 फॉर्म वितरित किए गए हैं, जिसमें से अभी तक मात्र 1821 आवेदन प्राप्त हुए हैं। लक्ष्य के सापेक्ष प्रगति बहुत ही कम होने पर उन्होंने जिला प्रोबेशन अधिकारी को सभी संबन्धित विभागों से समन्नवय स्थापित करते हुए प्रगति में तेजी लाने के निर्देश दिये। इस योजना के तहत विभागों द्वारा की गई कार्रवाई का विवरण न उपलब्ध होने पर डीएम ने नाराजगी जाहिर करते हुए विभाग वार प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। इसी प्रकार प्रधानमंत्री श्रम योगी मान धन योजना के तहत विगत 02 माह से आपेक्षित प्रगति न होने के कारण नाराजगी जाहिर की।
उन्होनेे सम्बन्धित विभागो को कार्ययोजना बनाकर कार्यवाही करने के निर्देश दिये। प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना के अन्तर्गत डीएम ने निर्देश दिये गये कि असंगठित क्षेत्र के कर्मचारियों के रिटायरमेंट की सामाजिक सुरक्षा के लिए है, जिसमें ज्यादातर रिक्शा चालक, स्ट्रीट बेन्डर, एमडीएम रसोईया, रोजगार सेवक, ईंट-भट्टा वर्कर, आशा, ऑंगनबाड़ी, होमगार्ड आदि का रजिस्टे्रशन किया जाए। निराश्रित/बेसहारा गौवंश सहभागिता योजना के तहत की गयी कार्यवाही के बारे में जानकारी ली। लक्ष्य के सापेंक्ष प्रगति रिपोर्ट कम होने पर डीएम द्वारा नाराजगी जाहिर करते हुए निर्देश दिया कि संबन्धित विभाग कार्यवाही करते हुए प्रतिदिन रिपोर्ट उपलब्ध करायेगें। समीक्षा बैठक में सीडीओ आरबी भास्कर, पीडी अश्वनी कुमार मिश्र, सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।