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Hathras News: सिकंदराराऊ में दो अस्पतालों के बेसमेंट बंद कराए, ताला लगाकर भागे कोचिंग संचालक

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कोमल कॉम्प्लेक्स में सुरक्षा मानक देखते एसडीएम राजबहादुर सिंह।  - फोटो : samvad
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लखनऊ में हुए भीषण हादसे के बाद शहर में अग्नि सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले व्यावसायिक भवनों का बुधवार को प्रशासनिक अधिकारियों ने निरीक्षण किया। शहर के कई प्रमुख कॉम्प्लेक्स, शोरूम और रेस्टोरेंट पर अनियमितताएं मिलने पर संचालकों को नोटिस थमाए, साथ ही चेतावनी दी कि यदि यदि सुरक्षा मानक पूरे नहीं किए गए तो भवनों के खिलाफ सीलिंग और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की इस ताबड़तोड़ छापों के बाद कोचिंग और कंप्यूटर सेंटर संचालक कार्रवाई के डर से प्रतिष्ठानों पर ताला लगाकर रफूचक्कर हो गए।
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टीम को अलीगढ़ मार्ग स्थित मेरिडियन कोचिंग पर पहुंची तो यहां ताला मिला। नीचे रेस्टोरेंट संचालित है तथा ऊपर कोचिंग सेंटर। जांच टीम जब शहर के कोमल कॉम्प्लेक्स पहुंची, तो वहां सुरक्षा व्यवस्था की धज्जियां उड़ती मिलीं। कॉम्प्लेक्स के बेसमेंट में करीब 35 दुकानें संचालित होती पाई गईं। मौके पर विद्युत सेफ्टी का कोई पुख्ता इंतजाम नहीं था। फायर सेफ्टी के नियम पूरी तरह नदारद मिले। एसडीएम ने संचालक से भवन के पास नक्शे की कॉपी मांगी और तत्काल नोटिस जारी किया है।


प्रशासनिक अधिकारियों ने साफ कहा है कि यदि निर्धारित समय में सुरक्षा मानक पूरे नहीं हुए, तो कॉम्प्लेक्स को सील कर ध्वस्त कर दिया जाएगा। टीम ने कमला बाजार स्थित जनता रेस्टोरेंट का भी औचक निरीक्षण किया। हालांकि, यहां बेसमेंट होने की शिकायत मिली थी, लेकिन जांच में बेसमेंट नहीं पाया गया। मगर, रेस्टोरेंट में ग्राहकों के आने-जाने का रास्ता बेहद संकरा मिला। इसके अलावा, आग से बचाव के इंतजाम भी नाकाफी थे। संचालक को सात दिन में व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश के साथ नोटिस दिया गया है।
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केला माई वस्त्र भंडार का प्रथम तल बंद कराया
रामलीला ग्राउंड के पास स्थित केला माई वस्त्र भंडार के साड़ी शोरूम की दो दुकानों का निरीक्षण किया गया। जांच में पाया गया कि पहली दुकान के प्रथम तल पर जाने का रास्ता बेहद संकरा था, जिससे किसी आपात स्थिति में भगदड़ या दम घुटने का बड़ा खतरा था। खतरे को देखते हुए एसडीएम ने मौके पर ही प्रथम तल को तत्काल प्रभाव से बंद करा दिया और वहां किसी भी तरह की व्यावसायिक गतिविधि पर पूरी तरह रोक लगा दी। शोरूम को नोटिस देते हुए चेतावनी दी गई है कि मानक पूरे न होने पर इसे भी ध्वस्त किया जाएगा।



120 में से सिर्फ 20 कोचिंग ही पंजीकृत
जिले भर में करीब 120 कोचिंग सेंटर संचालित हो रहे हैं। इनमें से महज 20 कोचिंग ही माध्यमिक शिक्षा विभाग में पंजीकृत हैं, जो केवल हाईस्कूल और इंटर के बच्चों को पढ़ाते हैं। जिले में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाला एक भी सेंटर पंजीकृत नहीं है। फायर सेफ्टी व अन्य सुरक्षा मानक पूरे करना तो दूर की बात।

-लखनऊ कांड के बाद शासन के निर्देश पर सुरक्षा मानकों को लेकर यह अभियान चलाया जा रहा है। जनता की जान से खिलवाड़ किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगा। यह जांच लगातार जारी रहेगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों को बख्शा नहीं जाएगा। नियम विरुद्ध संचालित कोचिंग सेंटर व अन्य व्यावसायिक भवनों पर सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। राजबहादुर सिंह, एसडीएम सदर


राज्य महिला आयोग की सदस्य रेनू गौड़ ने दिए कार्रवाई के निर्देश
उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य रेनू गौड़ ने जिले में व्यापक अग्नि और विद्युत सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि नियमों की अनदेखी करने वाले संस्थानों को न सिर्फ भारी जुर्माना झेलना होगा, बल्कि जरूरत पड़ने पर उनका संचालन भी पूरी तरह बंद करा दिया जाएगा। संवाद


रचित हॉस्पिटल में नहीं मिला आपातकालीन निकास द्वार
सिकंदराराऊ में बुधवार को एसडीएम धर्मेंद्र सिंह चौहान ने नगर के अस्पतालों, कोचिंग सेंटरों और लाइब्रेरी का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान ईदगाह मार्ग स्थित रचित हॉस्पिटल और कासगंज रोड स्थित कलावती हॉस्पिटल में फायर सुरक्षा प्रमाण पत्र मौके पर नहीं मिले। अस्पताल संचालकों ने दस्तावेज होने की बात कही, जिस पर एसडीएम ने निर्धारित समय के भीतर प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। रचित हॉस्पिटल में आपातकालीन निकास द्वार की व्यवस्था नहीं मिली। दोनों अस्पतालों के बेसमेंट का निरीक्षण कर उन्हें तत्काल बंद कराने के स्पष्ट निर्देश दिए। उधर, कार्रवाई की सूचना मिलते ही कई संचालक ताले लगाकर भाग गए। लाइब्रेरी भी बंद मिलीं।


मुरसान में भी चला अभियान
कस्बा मुरसान में बुधवार को प्रशासनिक अधिकारियों की टीम ने अवैध रूप से संचालित लाइब्रेरी, कोचिंग सेंटर व अन्य संस्थानों का निरीक्षण किया। कार्रवाई की सूचना मिलते ही संस्थान संचालकों में हड़कंप मच गया। कई संचालकों ने अपने संस्थानों पर ताले लगा दिए और मौके से चले गए। निरीक्षण करने वाली टीम में नायब तहसीलदार शिव कुमार, लेखपाल मोहित व क्षेत्रीय राजस्व संग्रह अमीन सुरेश चंद शामिल रहे।



सादाबाद में एक कोचिंग सेंटर और दो लाइब्रेरी सील
सादाबाद एसडीएम मनीष चौधरी, सीओ जेएन आस्थाना, नायब तहसीलदार प्रतीक्षा कटारा एवं वैष्णवी शर्मा ने विभिन्न संस्थानों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने अग्नि सुरक्षा उपकरणों, आपातकालीन निकास मार्ग की जांच की। जांच के दौरान कई स्थानों पर अभिलेखों और मौके की स्थिति में अंतर पाया गया। कुछ संस्थानों के पास अग्निशमन विभाग की अनापत्ति प्रमाणपत्र (फायर एनओसी) भी नहीं मिली। एसडीएम मनीष चौधरी ने बताया कि बुधवार को जैतई मार्ग स्थित त्यागी लाइब्रेरी, कूपा मार्ग स्थित अग्रवाल लाइब्रेरी, और मथुरा मार्ग स्थित दादाराम विद्यापीठ संस्थानों खामियां होने पर सील कर दिया है।
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