तहसीलदार की कार्यशैली को लेकर तहसील के अधिवक्ताओं में आक्रोश पनपने लगा है। आक्रोशित अधिवक्ताओं ने शुक्रवार को द बार एसोसिएशन के अध्यक्ष के नाम पत्र भेजकर अधिवक्ता संघ की बैठक बुलाकर उचित निर्णय लेने का आग्रह किया है। पत्र में अधिवक्ताओं के साथ साथ वादकारियों के शोषण एवं उत्पीड़न का आरोप लगाया है।
दरअसल तहसील के अधिवक्ताओं में तहसीलदार की कार्यशैली एवं व्यवहार को लेकर आक्रोश काफी समय से पनप रहा है। लेकिन बार एसोसिएशन के अध्यक्ष शिकायत की मांग करते चले आ रहे हैं। बुधवार को अधिवक्ता वकील सिंह तोमर ने तहसीलदार की कार्यशैली से क्षुब्ध होकर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष को शिकायती प्रार्थना पत्र प्रेषित किया है। प्रार्थना पत्र में आरोप है कि तहसीलदार की कार्यशैली हठधर्मी एवं मनमानी पूर्ण है। जिससे अधिवक्ताओं के कार्य रुके हुए हैं। अधिवक्ताओं के साथ साथ वादकारी परेशान हैं। वादकारियों का शोषण एवं उत्पीड़न हो रहा है। प्रार्थना पत्र के माध्यम से तत्काल बार की बैठक बुलाकर अधिवक्ताओं के हितों की सुरक्षा करने की मांग की है।
तहसीलदार निधि भारद्वाज का कहना है कि तहसील में सभी काम नियमानुसार हो रहे हैं। विधि विरुद्ध काम न करने पर मिथ्या आरोप लगाए गए हैं। किसी पीड़ित एवं वादकारी को किसी प्रकार का शोषण उत्पीड़न नहीं किया जा रहा है।