एक जनपद-एक व्यंजन योजना के तहत अब रबड़ी कारोबार के लिए प्रदेश सरकार की तरफ से बैंकों के जरिये ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार की ओर से इस ऋण पर 10 प्रतिशत से लेकर 25 प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जाएगी, जो अधिकतम 50 लाख रुपये तक हो सकती है।
गौरतलब है कि योजना के तहत प्रदेश सरकार ने रबड़ी को चयनित किया है। जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र के उपायुक्त उद्योग रामेंद्र कुमार ने बताया कि योजना का उद्देश्य स्थानीय व्यंजनों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना और रोजगार के अवसर पैदा करना है।
आर्थिक सहायता केवल हाथरस जिले के लिए चिह्नित ओडीओएफ उत्पाद रबड़ी से संबंधित इकाइयों को ही मिलेगी। आवेदक या उसकी इकाई किसी भी बैंक या वित्तीय संस्था की डिफॉल्टर (बकायेदार) नहीं होनी चाहिए। आवेदक ने पहले भारत या यूपी सरकार की किसी अन्य स्वरोजगार योजना का लाभ न लिया हो। एक परिवार से केवल एक ही सदस्य को योजना का लाभ मिलेगा।