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अटल जी नेे कविताएं सुना सभी को कर दिया था भाव-विभोर

Fri, 17 Aug 2018 12:19 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला ब्यूरो, हाथरस।
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हाथरस में काका हाथरसी पुरस्कार समारोह में शिरकत करते पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेई। साथ में बैठे काका हाथरसी, डॉ. राकेश शरद (फाइल फोटो) - फोटो : Amar Ujala
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 भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का हाथरस से भी गहरा नाता रहा है। राजनीतिक कार्यक्रमों में तो अटल कई बार आए, लेकिन वह कवि के रूप में 1994 में हाथरस आए थे।
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1994 में काका हाथरसी पुरस्कार समारोह में वह मुख्य अतिथि के रूप में आए और डॉ. राकेश शरद और भगवतशरण शर्मा को काका हाथरसी पुरस्कार से सम्मानित किया। उन्होंने श्रोताओं के आग्रह पर एक नहीं, बल्कि तीन कविताएं भी सुनाई थीं। उनकी कविताओं को सुनकर सभी भाव-विभोर हो गए थे। 

 इस पुरस्कार समारोह में उन्होंने काका हाथरसी की जमकर तारीफ करते हुए कहा था कि आजादी से पूर्व 1944 से लेखन में रुचि लेकर जिस हास्य विधा को काका हाथरसी ने चुना और अपनी निष्ठा एवं लगन से ऊंचाइयों को छुआ, यह उनके परिश्रम का ही परिणाम है।
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इस समारोह में अटल से कविता की फरमाइश की जाने लगी। उन्होंने एक नहीं, तीन कविताएं सुनाने का आश्वासन दिया था। तब कहीं जाकर लोग शांत हुए थे। उस समय उन्होंने यह कविताएं समारोह में सुनाई थी...
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