हाथरस। जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में हुई। अध्यक्षता सांसद राजेश दिवाकर ने की। बैठक में सांसद राजेश कुमार दिवाकर ने विगत में हुई दिशा की बैठक में दिए गए निर्देशों पर की गई कार्रवाई के बारे में जानकारी ली। इस दौरान एक ग्राम प्रधान ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवंटित किए जा रहे आवासों में विभागीय अधिकारियों के द्वारा घूस लिए जाने के आरोप लगाए। जैसे ही सभागार में यह आवाज उठी तो अधिकारियों के पसीने छूट गए। ग्राम प्रधान ने आरोप लगाया मनमाने तरीके से आवासों का आवंटन किया जा रहा है। मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल सांसद राजेश दिवाकर ने सभी पत्रावलियां देखीं और ग्राम प्रधान को शांत किया।
सांसद ने बीएसए से प्राथमिक विद्यालयों के अध्यापकों का समायोजन छात्रों के अनुरूप करने के निर्देश दिए। कुछ दिशा सदस्यों के द्वारा प्राइवेट विद्यालयों में गरीब बच्चों के निशुल्क एडमिशन नहीं करने की शिकायत सांसद ने बीएसए और डीआईओएस से करते हुए व्यवस्था सुनिश्चित करवाने के निर्देश दिए। पीडी डूडा अंजू सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के तहत जिले को 3,400 आवासों के सापेक्ष 1,580 आवासों का जीयो टैगिंग किया जा चुका है। इसके अलावा शासन से 709 लाभार्थियों की पहली किश्त मिल चुकी है। पीडी चंद्रशेखर शुक्ला ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत दिए गए 86 आवास के लक्ष्य को पूरा कर लिया गया है।
सांसद ने गत बैठक के निर्देश के क्रम में स्ट्रीट लाइट के टेंडर की जांच के लिए कमेटी नहीं बनाने पर नाराजगी जाहिर की। कार्यों में शिथिलता बरतने और बैठक में दिए निर्देशों का पालन नहीं करने के कारण एक्सईएन जल निगम और नगर पालिका हाथरस को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। सांसद ने अधीक्षण अभियंता विद्युत के कार्यों में लापरवाही बरतने और जनता द्वारा सबसे अधिक शिकायत आने पर नाराजगी जताते हुए कार्यप्रणाली में सुधार लाने के निर्देश दिए।
बैठक में विधायक सदर हरीशंकर माहौर, ब्लॉक प्रमुख अमर सिंह पांडेय, सीडीओ एसपी सिंह, सीएमओ बृजेश राठौर, डीएसओ सुरेंद्र यादव, बीएसए हरिश्चंद्र, डीपीआरओ शहनाज अंसारी, जिला कृषि अधिकारी डिपिन कुमार, पीओ डूडा अंजू सिह, समाज कल्याण अधिकारी, अधिशासी अभियंता विद्युत, समस्त ईओ सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद थे।
सांसद राजेश दिवाकर का कहना है कि बैठक में एक ग्राम प्रधान ने प्रधानमंत्री आवास योजना से आवास आवंटन का मामला उठाया था। मामले की तुरंत छानबीन की गई। सभी पात्रों को ही आवास आवंटित किए गए हैं। 2011 की जनगणना के सर्वे के आधार पर ही आवासों को दिया जा रहा है। बिजली विभाग की समस्या सबसे ज्यादा आई है। इसके लिए 25 अगस्त को विद्युत विभाग के सभी अधिकारियों को बुलाया गया है।