िकसानों द्वारा सादाबाद में सरकारी स्कूल में बंद किए गए आवारा पशु।
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आवारा पशु ग्रामीणों के लिए समस्या बनते जा रहे हैं। गांव पटैनी में काफी गोवंश ग्रामीणों ने स्कूल में बंद कर दिए। इससे स्कूल की पढ़ाई बीच में ही बंद कर दिया। वहां मौके पर एसडीएम सदर भी पहुंच गए। एसडीएम सदर मुरसान के गांव पटैनी में ग्रामीणों ने गोवंश को स्कूल में बंद कर दिया। सूचना के बाद एसडीएम सदर मौके पर पहुंच गए। पूर्व ब्लॉक प्रमुख रामेश्वर उपाध्याय भी वहां आ गए।
करीब तीन घंटे तक वहां हो-हल्ला मचा रहा। बाद में अधिकारियों ने भी आश्वासन दिया कि सप्ताह भर के अंदर की गौशाला का निर्माण करा दिया जाएगा, तब पशु ग्रामीणों ने वहां से छोड़े। इसी क्षेत्र के गांव खुटीपुरी में भी यही स्थिति पैदा हो गई। वहां भी पशुओं को विद्यालय में बंद कर दिया गया और इसके चलते विद्यालय में पढ़ाई नहीं हो सकी। ग्रामीण क्षेत्रों में आवारा पशु लगातार फसल बर्बाद कर रहे हैं। इससे ग्रामीण परेशान हैं। बुधवार ग्रामीणों ने गांव पटैनी के प्राथमिक विद्यालय में 250 से ज्यादा गोवंश बंद कर दिए। इससे विद्यालय में पढ़ाई रुक गई। हालांकि बच्चे भी कम आए थे। मौके पर हंगामा खड़ा हो गया।
इसकी जानकारी मिलने पर एसडीएम सदर अरुण कुमार सिंह मय फोर्स के मौके पर पहुंच गए। सूचना पाकर जिला पंचायत सदस्य रामेश्वर उपाध्याय भी वहां पहुंच गए। उन्होंने ग्रामीणोें को समझाया लेकिन ग्रामीणों का कहना था कि आवारा पशु उनकी फसलों को बर्बाद कर देंगे। इसलिए इन्हें अभी गौशाला भिजवाया जाए। काफी देर तक वहां भी हंगामा होता रहा। बाद में एसडीएम व जिला पंचायत सदस्य ने जैसे-तैसे समझा-बुझाकर पशु छुड़वाए। मुरसान क्षेत्र के गांव खुटीपुरी में कुछ लोगों ने आवारा पशुओं को स्कूल में बंद कर दिया। जिससे पशु आक्रामक हो गए। पशुओं ने विद्यालय परिसर में लगे पेड़-पौधों को तोड़ दिया। पशुओं के आक्रामक होने पर बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए पढ़ाई बंद करनी पड़ी। इस समस्या का निस्तारण करने की गुहार भूरे सिंह प्राथमिक विद्यालय खुटीपुरी जाटान ने लगाई है।