बारिश का मौसम शुरू होते ही जिले में सर्पदंश के मामले बढ़ गए हैं। जिला अस्पताल में रोजाना चार से पांच सर्पदंश के शिकार मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। चिकित्सक इन मरीजों का उपचार करते हैं। सर्पदंश की पुष्टि होने पर इन मरीजों को एंटीवेनम लगाया जाता है।
बारिश का मौसम अपने साथ कई प्रकार की परेशानियां भी लेकर आता है। सर्पदंश भी इनमें से एक है। विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश का पानी बिल में प्रवेश करने से बिल में उमस की स्थिति बन जाती है। इससे राहत पाने के लिए सांप बिल से बाहर निकल आते हैं। किसी भी तरह पैर के नीचे या किसी अन्य प्रकार से हानि पहुंचने पर वह लोगों को काट लेते हैं।
यही कारण है कि इन-दिनों में सर्पदंश के मामले बढ़ जाते हैं। इस बात की पुष्टि जिला अस्पताल के आंकड़े भी कर रहे हैं। अस्पताल के आंकड़ों के अनुसार पिछले 15 दिन में करीब 55 लोगों को सांप ने डसा। इन सभी लोगोंं का उपचार जिला अस्पताल की इमरजेंसी में किया गया।
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सांप काटे तो क्या करें-
- सांप के डसने पर तबियत बिगड़ने का इंतजार नहीं करें, बल्कि इमरजेंसी ट्रीटमेंट के लिए मरीज को अस्पताल ले जाएं।
- जिस जगह सांप ने डसा है, उस स्थान को बिल्कुल नहीं हिलाएं।
- रक्त स्त्राव होने पर खून को बहने दें। खून रोकने के लिए बीटाडीन का इस्तेमाल कर सकते हैं।
- पीड़ित व्यक्ति को शांत रखें और जितना संभव हो, व्यक्ति को स्थिर रखें।
- घाव को ढीली और साफ पट्टी से कवर करें।
- सांप के डसने के समय का ध्यान रखें।
56 वर्षीय बुजुर्ग को सांप ने डसा-
जंक्शन क्षेत्र के जैतपुर निवासी नीरेश कुमार 56 शुक्रवार की सुबह खेतों पर टहलने गया था। अचानक सांप ने उसे डस लिया। इससे उसकी हालत बिगड़ने लगी। आनन-फानन में उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल लाया गया। जहां चिकित्सक ने प्राथमिक उपचार के बाद हालत में सुधार होने पर उसे घर भेज दिया।
20 वर्षीय युवक को सांप ने डसा
20 वर्षीय लकी निवासी जलेसर शुक्रवार को खेत में काम कर रहा था। अचानक उसे सांप ने डस लिया। इसकी जानकारी होते ही परिजनों के होश उड़ गए। परिजन उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल लेकर आए। चिकित्सक उसके उपचार में जुटे हुए हैं। फिलहाल उसकी हालत ठीक है।
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सभी सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध हैं एंटीवेनम
जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में एंटीवेनम पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। सर्पदंश का शिकार होने पर चिकित्सक के परामर्श पर एंटीवेनम लगवाई जा सकती है। सर्पदंश के शिकार मरीज को चिकित्सक का परामर्श अवश्य लेना चाहिए।
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