जिले में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए शुरू किया गया निवेश मित्र पोर्टल सरकारी विभागों की सुस्ती का शिकार होता नजर आ रहा है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक विभिन्न विभागों में दर्जनों आवेदन समय सीमा बीत जाने के बाद भी लंबित पड़े हैं।
वहीं, जिले के औद्योगिक क्षेत्रों में ऊंची इमारतों में आग बुझाने के लिए पर्याप्त संसाधनों का अभाव उद्यमियों की चिंता बढ़ा रहा है। जारी आंकड़ों के अनुसार पोर्टल पर 233 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से 143 को स्वीकृत किया गया है। हैरानी की बात यह है कि 69 मामले अब भी समय सीमा के भीतर लंबित हैं, जबकि छह मामले समय सीमा बीतने के बाद भी अटके हुए हैं।
यूपीसीडा की स्थिति सबसे खराब है, जहां 20 आवेदन समय सीमा में और छह आवेदन समय सीमा के बाद भी लंबित हैं। श्रम विभाग के यहां 11 आवेदन अभी प्रक्रिया में हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में आठ और एमएसएमई विभाग में तीन आवेदन लंबित हैं। उपायुक्त जिला उद्योग केंद्र अजिलेश कुमार ने बताया कि लंबित मामलों को संबंधित विभाग से वार्ता कर निस्तारित किया जाएगा।
एक नजर में आंकड़ें
कुल प्राप्त आवेदन 233
कुल स्वीकृत 143
कुल अस्वीकृत 01
कुल लंबित (समय सीमा में) 69
कुल लंबित (समय सीमा के बाद) 06
यह है निवेश मित्र पोर्टल
यह पोर्टल प्रदेश सरकार की एक प्रमुख एकल खिड़की ऑनलाइन सुविधा है। उद्यमियों को राज्य में व्यवसाय शुरू करने के लिए आवश्यक विभिन्न विभागों की 100 से अधिक सेवाओं (जैसे लाइसेंस, एनओसी) के लिए आवेदन करने, शुल्क जमा करने और मंजूरी पाने की सुविधा एक ही डिजिटल माध्यम से देने के लिए यह पोर्टल बनाया गया है। पोर्टल पर अधिकांश सेवाओं को 15 से 30 दिनों में पूरा करने का लक्ष्य है।
निवेश मित्र पोर्टल पर स्थानीय उद्यमियों के आवेदनों को लंबित रखा जाता है। हमने उद्योग बंधु की बैठक में भी यह मुद्दा उठाया था। इस समस्या का प्राथमिकता पर समाधान होना चाहिए।
-सुरेश अग्रवाल, व्यापारी नेता।
पोर्टल पर विभिन्न योजनाओं व एनओसी के लिए आवेदन तो किए जाते हैं, लेकिन मॉनीटरिंग न होने के कारण इस पर प्रक्रिया देरी से हो पाती हैं। इसकी मॉनीटरिंग अगर सही तरीके से हो तो व्यापारियों को राहत मिल सकेगी।
-तरुण पंकज, व्यापारी नेता।