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Hathras News: अस्पताल पर कार्रवाई न होने पर फूटा गुस्सा, दिया धरना

Fri, 05 Dec 2025 02:15 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
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छत्तीसगढ़ पुलिस के जवान महाराज सिंह के परिजनों ने बृहस्पतिवार को कई संगठनों के पदाधिकारियों के साथ रोडवेज बस स्टैंड के निकट निजी अस्पताल के सामने धरना-प्रदर्शन किया। ये लोग महाराज सिंह की उपचार के दौरान मौत के मामले में निष्पक्ष जांच न किए जाने से नाराज थे।
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पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के समझाने के बाद भी ये लोग धरने से नहीं उठे। शाम को धरने को अनिश्चिकाल तक चलाने की घोषणा की गई। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ पुलिस में तैनात गांव गढ़ी हर्रूप नौगांव निवासी महाराज सिंह 19 नवंबर को छुट्टी पर घर आए थे। ठंड से उन्हें बुखार आ गया। भाई महीपाल सिंह ने बताया कि 20 नवंबर को महाराज सिंह सादाबाद के एक निजी अस्पताल में उपचार कराने के लिए गए।
उपचार के बाद उनकी हालत और अधिक खराब हो गई। 24 नवंबर को उनको उपचार के लिए आगरा के एक अस्पताल में ले जाया गया, लेकिन वहां पहुंचते ही उनकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि हॉस्पिटल के चिकित्सक के गलत इलाज की वजह से ही महाराज सिंह की मौत हुई।
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29 नवंबर को भी मृतक के परिजनों ने कैंडल मार्च निकालकर हॉस्पिटल के सामने धरना दिया था, तब सीएमओ और अन्य अधिकारियों ने तीन दिन में मामले की उचित जांच किए जाने व हॉस्पिटल पर कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। मृतक के परिजनों, ग्रामीणों व जिला पंचायत सदस्य पद के कई दावेदारों ने सादाबाद रोडवेज बस स्टैंड के निकट निजी हॉस्पिटल के सामने धरना देना शुरू कर दिया।
यहां काफी पुलिस फोर्स तैनात की गई थी। धरने पर बैठे लोगों की मांग थी कि डीएम स्वयं आकर पीड़ित परिवार से बात करें और फिर मामले की निष्पक्ष जांच कराकर चिकित्सक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जाए। मौके पर सीओ अमित पाठक, कोतवाल योगेश कुमार, नायब तहसीलदार अशोक गुप्ता ने भी भी धरने पर बैठे लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह धरने से नहीं उठे।
धरने पर बैठे लोगों ने हॉस्पिटल के आगे टेंट लगाने का प्रयास किया, जिसे पुलिस ने रोक दिया। नायब तहसीलदार ने पीड़ित पक्ष के लोगों की एसडीएम से भी फोन पर वार्ता कराई, लेकिन इन लोगों ने स्पष्ट कर दिया कि जब तक उनकी मांग नहीं मानी जाती, वह धरने से नहीं उठेंगे। मौके पर पूर्व विधायक प्रताप चौधरी, गिरेंद्र चौधरी, ईशान चौधरी, बॉबी यादव, पिंकू मधुर, धर्मेंद्र बधौतिया, सचिन पचहरा आदि भी थे। नायब तहसीलदार अशोक गुप्ता का कहना है कि धरना दे रहे लोगों को समझाने का प्रयास किया गया था, लेकिन वह अस्पताल पर कार्रवाई की मांग पर अड़े हैं।
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