संवाद न्यूज एजेंसी, सादाबाद।
नगर पंचायत बोर्ड की बैठक बुधवार को नगर पंचायत कार्यालय के दफ्तर में हुई। बैठक में नगर की पेयजल, बिजली और सफाई व्यवस्था को लेकर सभी सदस्य आक्रोशित दिखाई दिए और नगर पंचायत प्रशासन पर मूलभूत सुविधाओं के अतिरिक्त विकास कार्यों पर ध्यान न दिए जाने के गंभीर आरोप लगाए।
बैठक में एसडीएम विपिन कुमार शिवहरे, चेयरमैन रविकांत अग्रवाल और ईओ लल्लनराम यादव के समक्ष नगर पंचायत के सदस्यों ने कहा कि पिछले आठ माह से बोर्ड की बैठक न होने की वजह से विकास कार्य ठप पड़े हैं। नगर के प्रत्येक वार्ड में पेयजल और बिजली संबंधी समस्याएं हैं। सोलर लाइट खराब पड़ी हुई हैं। सीसीटीवी कैमरे खराब पड़े हैं।
कई स्थानों पर हैंडपंप खराब पड़े हैं। कई दिनों तक कूड़ा नहीं उठाया जा रहा। कवर्ड नाले-नालियां चोक पड़े हैं। सभासद चांद मोहम्मद ने कहा कि वर्ष 2020-21 का बजट पारित हुआ था, लेकिन इस बजट में किस मद में कितना कार्य हुआ, कितना पैसा कहां लगा, किसी भी सदस्य को यह नहीं पता। सभासद अंकित पाराशर ने कहा कि साढ़े तीन साल में 14 बोर्ड की बैठकें ही हुई हैं। ऐसे में कैसे नगर के विकास की अपेक्षा की जा सकती है।
सभासद मनीष अग्रवाल ने बताया कि प्रगतिपुरम, विजय गली में आज तक कई बार कहने के बाद भी लाइटें नहीं लगाई गई हैं। सभासद प्रवेश पाठक ने कहा कि वार्ड 16 में रिबोर हैंडपंप से साफ पानी नहीं आ रहा। मनोनीत सभासद डॉ. देवचंद्र गौड़ ने कहा कि सलेमपुर रोड पर नगर पंचायत के खंभे पर बिजली महकमे ने अपनी लाइन डाल दी है।
सभासद सुधीर गर्ग ने कहा कि नगर पंचायत सदस्यों की बोर्ड की बैठक के अतिरिक्त अनौपचारिक बैठकें भी होनी चाहिए। समस्याएं सुनकर एसडीएम ने कहा कि सभी नगर पंचायत सदस्य अपने वार्ड की समस्याओं का एक रजिस्टर रखें। समस्या से चेयरमैन और ईओ को अवगत कराएं। यदि सुनवाई नहीं हो रही है तो उन्हें अवगत कराएं। संवादहीनता कतई नहीं होनी चाहिए।
एसडीएम ने ईओ को निर्देशित किया कि बाजार व कई जगह दोपहिया वाहन जहां-तहां खड़े रहते हैं, इनके लिए छोटी क्रेन मशीन की व्यवस्था की जाए, जिससे इन वाहनों पर चालान की कार्रवाई हो सके। नजूल की जमीन की पैमाइश अतिशीघ्र कराएं। नायब तहसीलदार, तहसीलदार व नगर पंचायत की संयुक्त टीम बनाकर एक हफ्ते में खाली कराएं, जिससे पार्क बन सकें और उनमें वाहनों की पार्किंग की भी व्यवस्था हो सके।
उन्होंने सदस्यों से कहा कि करबन नदी जिन जिन सदस्यों के वार्डों से होकर गुजरती है, वहां देखें कि वहां अतिक्रमण तो नहीं है। कस्बे में करीब 1700 मीटर नदी की लंबाई है। इसके दोनों तरफ बाढ़ और करीब छह सात फुट की जाली लगाई जाए और इसके पास बरगद, पाखर, पीपल के पेड़ लगाए जाएं।
उन्होंने सदस्यों से कहा कि दो से तीन पार्क नगर के अंदर बनने हैं, लिहाजा सभी सदस्य जमीन के संबंध में सूचना दें। ईओ भी इस पर अविलंब कार्यवाही शुरू करें। स्ट्रीट वेंडर, ढकेल वालों के लिए कृष्णा टॉकीज से चुंगी तक की जगह निर्धारित की गई है।
वार्ड सदस्य उन्हें वहां ढकेल लगाने के लिए जागरूक करें। प्रत्येक चौराहे पर 100 100 मीटर के क्षेत्र को नो वेंडिंग जोन बनाने पर विचार चल रहा है, जिससे जाम की समस्या का निदान हो सके। बाजार में जगह जगह नो पार्किंग के बोर्ड लगाए जाएं। वह खुद मौके पर पहुंचकर सभी वार्डों में समस्याओं का निरीक्षण करेंगे। चेयरमैन रविकांत अग्रवाल और ईओ लल्लनराम यादव ने भी सभासदों की सभी समस्याओं का निदान अतिशीघ्र करने का आश्वासन दिया।
सदस्यों ने बोर्ड की बैठक का किया बहिष्कार
बोर्ड बैठक से एसडीएम के जाने के बाद नगर पंचायत सादाबाद के सदस्यों ने बोर्ड बैठक का बहिष्कार कर दिया। सदस्यों ने ईओ और चेयरमैन को सौंपे गए ज्ञापन में कहा कि नगर पंचायत सादाबाद से अभी तक 2020-21 का आय व्यय का ब्योरा प्राप्त नहीं हुआ है। नगर पंचायत द्वारा जो भी कार्य कराए गए हैं, वह अभी तक अपूर्ण हैं।
नगर में जनमानस की समस्या को देखते हुए अंसतुष्ट होकर बोर्ड बैठक का बहिष्कार करते हैं। पिछले वर्ष का आय-व्यय का ब्योरा और पिछली बैठकों में समस्त प्रस्तावित कार्य पूर्ण न होने तक बोर्ड की बैठक का बहिष्कार रहेगा। ज्ञापन सौंपने वालों में सभासद मनीष अग्रवाल, पवन कुमार, कमलेश प्रजापति, हमीद खां, बाबूलाल, श्रीपाल बघेल, ज्योति पाठक, संजू चौधरी, उर्मिला चौधरी, रूपमनोहर अग्रवाल, शर्मीला, मौहम्मद चांद, अंकित पाराशर आदि थे।