हाथरस। शहर में डॉ. भीमराव आंबेडकर जयंती को लेकर अलर्ट घोषित कर दिया गया है। एसपी घुले सुशील ने सभी थानाध्यक्षों को हिंसा और जानमाल की हानि रोकने के लिए कड़े निर्देश दिए हैं। पुलिस की विशेष नजर जयंती पर निकलने वाली प्रभात फेरी और जुलूसों पर रहेगी। आंबेडकर पार्कों में आयोजित कार्यक्रमों पर भी पुलिस नजर बनाए हुए है।
दलित समाज के लोग एससी/एसटी एक्ट में बदलाव को लेकर आक्रोशित हैं। इसके लिए कई संगठन सरकार को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। वहीं भाजपा इन आरोपों को सिरे से खारिज कर रही है। पार्टी डॉ. भीमराव आंबेडकर के सम्मान में शनिवार को बाइक रैली निकालकर अपने विरोधियों को कड़ा जवाब देने की कोशिश में है। दो अप्रैल को भारत बंद के दौरान दलित समाज के लोगों के उग्र प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए पुलिस इस बार कोई कोर-कसर छोड़ना नहीं चाहती। जयंती पर सुरक्षा इंतजामों को ध्यान में रखते हुए बाहर से फोर्स मांगा गया है।
शुक्रवार को सदर कोतवाली पुलिस ने प्रभात फेरी और भाजपा की वाहन रैली के रूट को ध्यान में रखते हुए पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। वहीं कोतवाली हाथरस गेट पुलिस ने भी विभिन्न आंबेडकर पार्कों में आयोजित कार्यक्रमों की जानकारी इकट्ठा की। पुलिस ने सभी कार्यक्रमों और उनके आयोजकों की सूची तैयार कर ली है। जुलूस के दौरान निकाली जाने वाली झांकियों और सोशल मीडिया पर भी पुलिस की नजर रहेगी।
कोतवाल जसपाल सिंह पंवार का कहना है कि उग्र प्रदर्शन या द्वेष फैलाने जैसी किसी भी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मालूम हो कि प्रभात फेरी सुबह सात बजे से आगरा रोड से निकलेगी और शहर के विभिन्न बाजारों से होती हुई खंदारी गढ़ी स्थित आंबेडकर पार्क पर खत्म होगी। इसके अलावा भाजपा भी वाहन रैली के जरिए बाबा साहेब को नमन करेगी। घंटाघर पर पार्टी की एक सभा भी होगी। वहीं शहर में अंबेडकर पार्कों में भी विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। जयंती के बाद 16 अप्रैल को दलित समाज के लोग जयंती यात्रा भी निकालेंगे।