संवाद न्यूज एजेंसी, हसायन।
मनुष्य को भगवान का नाम जपने के लिए मन में लालसा जरूर रखनी चाहिए। लालसा होने पर भी पूजा-अर्चना फलदायक साबित होती है। यह बातें गांव बनवारीपुर में स्थापित श्रीबांकेबिहारी जी महाराज के 19वें प्राकट्योत्सव के मौके पर चल रही श्रीमद् भागवत कथा में प्रवचन करते हुए आचार्य देवकीनंदन ठाकुर जी ने कहीं।
उन्होंने वृतासुर का प्रसंग सुनाते कहा कि जिस प्रकार वृतासुर ने भगवान की भक्ति करने के लिए मन में लालसा होने की बात कही। ठीक उसी प्रकार से अगर मनुष्य मन में दृढ़ संकल्प व पूर्ण विश्वास के साथ भगवान की पूजा-अर्चना भक्ति करे तो मनुष्य के सभी कार्य बिना किसी विघभन बाधा के पूरे हो सकते हैं। भगवान श्रीराम के जन्म की कथा सुनाते हुए कहा कि पुत्र को संस्कारवान बनाने के लिए पहले स्वयं को आध्यात्मिक ज्ञान करते हुए धार्मिक पद्धति का बनना पड़ेगा। तब कहीं हमारी देश के कर्णधार माता-पिता, गुरु और अतिथि का सम्मान करेंगे।
उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के जन्मदिन की कथा का वर्णन करते हुए कहा कि जिस घर में बहन, बहनोई व अन्य किसी का अनादर होता है तो ऐसे प्रवृत्ति में रहने वाले लोगों के संहार के लिए प्रभु अवतार लेते हैं। भगवान श्री कृष्ण के जन्मदिन की कथा के दौरान श्रीकृष्ण की झांकी भी दिखाई गई। भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप की झांकी की आयोजक अवधेश जादौन ने अपने परिजनों के साथ पूजा-अर्चना की। कथा पंडाल में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मदिन पर बधाई भी दी गई। पंडाल में नंद घर आनंद भये, जय कन्हैया लाल की, गूंज उठा। रंगीन गुब्बारों से मंडप सजाया गया।
इस मौके पर सांसद राजवीर सिंह दिलेर, पूर्व विधायक यशपाल सिंह चौहान, रामेश्वर उपाध्याय, बृजेश चौहान, युवराज सिंह, तेजवीर सिंह सिसौदिया, रामबेटी जादौन, अवधेश जादौन, अरुण कुमार जादौन, बसंत कुमार जादौन, सुधीर कुमार जादौन, सुशील कुमार जादौन, सुनील कुमार जादौन, भानुप्रताप जादौन, धर्मेंद्र सिंह जादौन आदि मौजूद थे।