सफाई कर्मचारियों ने डोर-टू-डोर टेंडर में प्रतिभाग करने वाली आगरा की एक फर्म पर फर्जी प्रमाण पत्र लगाने का आरोप लगाया है। इस मामले में ईओ से लिखित शिकायत कर जांच की मांग की गई है।
नगर पालिका क्षेत्र में सफाई व्यवस्था बदहाल है। जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं और नालों में सिल्ट जमी हुई है। ढाई साल बाद तो सफाई कर्मचारियों की भर्ती का टेंडर उठ सका और अब डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने का टेंडर निकाला गया है। टेंडर अधिकतम राशि 12.76 लाख रुपये प्रतिमाह पर निकला है, जो कि तीन महीने के लिए है। इसमें चार फर्माें ने प्रतिभाग किया है।
जानकारी के अनुसार नगर पालिका ने टेक्नीकल बिड खोली हैं। जल्द ही फाइनेंशियल बिड भी खोली जाएंगी। टेक्निकल बिड खुलते ही पालिका में शिकायतों का क्रम शुरू हो गया है। शुक्रवार को सफाई कर्मचारी मजदूर संघ के जिलाध्यक्ष उमेश चंचल ने नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी से इस संबंध में शिकायत की। उन्होंने आगरा की एक फर्म का जिक्र करते हुए कहा कि उनके द्वारा ग्राम प्रधान द्वारा जारी प्रमाणपत्र लगाया गया है। उनका दावा है कि गांवों में डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने का काम हुआ ही नहीं है।
सफाई कर्मचारियों की शिकायत मिली है। अभी अभिलेखों की जांच की जा रही है। यदि कोई अभिलेख गलत या कूटरचित पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
-रोहित सिंह, ईओ नगर पालिका