बिटिया प्रकरण में चारों आरोपियों को कोर्ट ले जाती पुलिस।
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हाथरस बहुचर्चित बिटिया प्रकरण में चारों अभियुक्तों संदीप, रवि, लवकुश और रामू को पुलिस अलीगढ़ जेल से कड़ी सुरक्षा के बीच पेशी के लिए हाथरस न्यायालय लाई। बिटिया का भाई बीमार होने की वजह से तारीख पर नहीं आ सका। पांच मार्च को अगली सुनवाई होगी।
बता दें कि 25 फरवरी को चारों अभियुक्तों की कोर्ट में पेशी हुई थी। दोनों पक्षों की बहस के बाद विशेष न्यायालय (एससी-एसटी एक्ट) ने चारों अभियुक्तों पर आरोप तय किए। सीबीआई के वकील और सीबीआई की जांच अधिकारी डीएसपी सीमा पाहुजा भी कोर्ट में पहुंचीं। आरोप तय होने के बाद फिर कड़ी सुरक्षा में चारों अभियुक्तों को पुलिस अपने साथ अलीगढ़ जेल ले गई। जिसके बाद न्यायालय ने अब इस मुकदमे में सुनवाई के लिए दो मार्च की तिथि नियत की थी। वहीं आज फिर चारों अभियुक्तों की कोर्ट में पेशी हुई। अब अगली सुनवाई पांच मार्च को होगी।
उल्लेखनीय है कि जनपद के चंदपा थाना क्षेत्र के एक गांव में 14 सितंबर को अनुसूचित जाति की एक युवती के साथ वारदात हुई थी। सामूहिक दुष्कर्म की शिकार इस युवती ने करीब दो सप्ताह बाद दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में दम तोड़ दिया था। उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म और उसकी हत्या करने का आरोप गांव के ही चार युवकों संदीप, रवि, रामू और लवकुश पर लगा था। पुलिस ने इस युवती की मौत से पहले ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था।
इस घटना के बाद पूरे देश भर में प्रदर्शन हुए थे और विपक्षी दलों ने सरकार की घेराबंदी की थी। यहां भी खासा बवाल हुआ था। इस मामले की जांच सरकार ने सीबीआई को सौंपी थी। सीबीआई ने 67 दिन की जांच के बाद इन्हीं चारों अभियुक्तों के खिलाफ आरोपपत्र यहां विशेष न्यायालय (एससी-एसटी एक्ट) में दाखिल किया था। यह आरोपपत्र धारा 376, 376ए, 376 डी, 302 आईपीसी व 3(2)(5)एससी-एसटी एक्ट में दाखिल किया था। तीन आरोपियों रवि, रामू व लवकुश की जमानत के लिए इस न्यायालय में अर्जी भी दाखिल की गई थी। इसे न्यायालय ने खारिज कर दिया था। अभी संदीप की जमानत के लिए याचिका नहीं दी गई है।