पिछले चुनाव के दौरान किए गए नेताओं के वादे खोखले साबित हुए। ज्यादातर क्षेत्र विकास से अछूते रहे हैं। कई इलाके तो ऐसे हैं जहां चुनाव के बाद नेता मुंह दिखाने तक नहीं पहुंचे। अब ऐसे क्षेत्र के वाशिंदों ने नेताओं से पाई-पाई का हिसाब लेने का मन बना लिया है। यही वजह है कि जगह-जगह से चुनाव बहिष्कार के एलान के मामले सामने आ रहे हैं। मंगलवार को हसायन क्षेत्र के गांव सिडरमई और सादाबाद क्षेत्र के गांव गढ़ी हरबल के ग्रामीणों ने चुनाव बहिष्कार का एलान कर दिया। उधर सासनी के गांव खिटौली के ग्रामीणों ने विकासकार्य न होने को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। गौर हो कि पूर्व में कई गांवों से चुनाव बहिष्कार की घोषणा के मामले सामने आ चुके हैं।
विकास नहीं तो वोट भी नहीं
हसायन की ग्राम पंचायत बरसौली के माजरा गांव सिडरमई के ग्रामीणों का कहना था कि अब तक गांव में कोई भी विकास कार्य नहीं हुआ है। जो भी ग्राम प्रधान, विधायक, सांसद बनते हैं, वह सिर्फ वोट मांगने के लिए ही गांव की जनता के पास आते हैं और बड़े-बड़े वादे कर चले जाते हैं।
गांव की मुख्य सड़क का आज तक निर्माण भी नहीं कराया गया है। बिजली, पानी, शौचालय की कोई व्यवस्था नहीं है।
ग्रामीणों ने चुनाव बहिष्कार का एलान करते हुए कहा कि अभी तक उन्हें सूखा राहत और ओलावृष्टि राहत का मुआवजा भी नहीं मिल पाया है। अगर चुनाव से पहले गांव की सड़क, हैंडपंप और शौचालय का निर्माण नहीं कराया गया तो कोई भी मतदाता मतदान नहीं करेगा और न ही बूथ पर जाएगा। चुनाव बहिष्कार का एलान करने वालों में शोभाराम, नरेंद्र, राजू, महेश कुमार, रवेंद्रपाल सिंह, ओमवीर सिंह, राहुल कुमार, रहीश पाल, रक्षपाल सिंह, महावीर सिंह, नाहर सिंह, रिसाल सिंह, गीतम सिंह, दुर्गपाल सिंह, अनिल कुमार, अजयवीर सिंह, पवन कुमार, अवनीश कुमार, जयवीर सिंह आदि थे।
गढ़ी हरबल में फूंका नेताओं का पुतला
सादाबाद के गढ़ी हरबल के ग्रामीणों ने नेताओं का पुतला फूंककर प्रदर्शन और जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों का कहना है कि नेता चुनाव के दौरान तमाम वादे करके चले जाते हैं और चुनाव जीतने के बाद लौटकर अपना चेहरा तक नहीं दिखाते हैं। गांव विकास से अछूता रहा है। ऐसे नेताओं को सबक सिखाने का निर्णय लिया गया है। पुतला फूंकने वालों मे जितेन्द्र, रनवीर, राहुल, सुरेशचंद्र, संदीप सिंह, भूरी सिंह, रेशम, गोधन, महाराज सिंह, हाकिम, रामचरन, उदयवीर, प्रेमसिंह, बलजीत, भीमसेन, हजारीलाल, इमर्तलाल, भगवान सिंह, तेजसिंह, त्रिलोकी, वासुदेव, अशोक, सुखवीर, राजेश्वर, यश, गोपाल सिंह, मुकेश, छोटू, राजशेखर, जसवंत, धर्मवीर आदि थे। ज्ञात हो कि इससे पहले ग्राम पंचायत नौगांव के मजरा नगला रद्दू, गांव ढकरई में भी चुनाव बहिष्कार की आवाज उठ चुकी है।
टूटी सड़क और जलभराव से बेहाल, प्रदर्शन
सासनी के गांव खिटौली की मुख्य सड़क का हाल-बेहाल है। वहीं गांव में जलभराव के बीच लोग जीने को मजबूर हैं। इसके विरोध में गुस्साए ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर विरोध जताया।
ग्रामीणों का आरोप है कि चुनाव के समय प्रत्याशी झूठे वादे कर जनता के साथ छलावा करते हैं। जीतने के बाद यहां मुड़कर भी नहीं देखते। गांव के रास्ते इतने बदहाल हैं कि निकलना मुश्किल है। पानी की निकासी न होने से जल भराव और गंदगी रहती है। प्रदर्शन करने वालों में कुलदीप, रामलखन शर्मा, रमेश चंद्र, चंद्रपाल सिंह, प्रकाश सिंह, जमील खां, वीरेंद्र कुमार, अर्पित विष्णु, सुमित सेंगर आदि शामिल थे।