डॉ. अवधेश कुमार ने बताया कि वायु प्रदूषण व तापमान में गिरावट के कारण त्वचा खुश्क हो रही है। इसलिए खुजली व जलन की समस्या बढ़ रही है। खुश्क त्वचा फट जाती है, जिसके बाद धूल मिट्टी से संक्रमण फैलता है।
अस्पताल में नहीं हैं विशेषज्ञ
जिला अस्पताल में त्वचा रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं है। एक साल पहले यहां से विशेषज्ञ चिकित्सक का स्थानांतरण हो चुका है, तब से यह पोस्ट खाली है। ऐसे में यहां आने वाले मरीजों को फिजीशियन को ही निपटाने होते हैं।