आईसीसीसी में एआई आधारित स्मार्ट एनालिटिक्स सिस्टम भी सक्रिय है। इसके माध्यम से बिना हेलमेट वाहन चलाने, तीन सवारी बैठाने, रेड लाइट जंप करने और तेज गति से वाहन चलाने जैसी गतिविधियों की स्वतः पहचान की जा रही है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर सिस्टम तत्काल अलर्ट जारी करता है।
अलीगढ़ शहर में ट्रैफिक प्रबंधन अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और डेटा एनालिटिक्स के सहारे किया जाएगा। प्रमुख चौराहों पर वाहनों की आवाजाही, ट्रैफिक दबाव और जाम की स्थिति का डिजिटल डाटा तैयार किया जाएगा। इसके आधार पर यातायात व्यवस्था में सुधार और नई रणनीति बनाई जाएगी।
विज्ञापन
स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत स्थापित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) से शहर के प्रमुख चौराहों और मार्गों की निगरानी की जा रही है। यहां लगे कैमरों से प्राप्त आंकड़ों का विश्लेषण कर यह पता लगाया जाएगा कि किस चौराहे पर सबसे अधिक दबाव रहता है, किस समय जाम की स्थिति बनती है और किन मार्गों पर सुधार की आवश्यकता है। अधिकारियों का कहना है कि इससे ट्रैफिक डायवर्जन, सिग्नल टाइमिंग और यातायात प्रबंधन संबंधी निर्णय लेने में मदद मिलेगी।
30 मई को जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा और एसपी ट्रैफिक प्रवीण कुमार के साथ आईसीसीसी का निरीक्षण किया। इस दौरान ट्रैफिक मॉनिटरिंग, स्मार्ट सर्विलांस और नागरिक सेवाओं से जुड़ी व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। आईसीसीसी में एआई आधारित स्मार्ट एनालिटिक्स सिस्टम भी सक्रिय है। इसके माध्यम से बिना हेलमेट वाहन चलाने, तीन सवारी बैठाने, रेड लाइट जंप करने और तेज गति से वाहन चलाने जैसी गतिविधियों की स्वतः पहचान की जा रही है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर सिस्टम तत्काल अलर्ट जारी करता है। अधिकारियों के अनुसार, शहर के ट्रैफिक का डिजिटल प्रोफाइल तैयार होने के बाद जाम वाले क्षेत्रों की पहचान और यातायात प्रबंधन पहले से अधिक प्रभावी हो सकेगा।