तहसीलदार को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपते भाकियू लोकशक्ति के पदाधिकारी।
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संवाद न्यूज एजेंसी, सादाबाद।
भारतीय किसान यूनियन लोकशक्ति के बैनर तले बृहस्पतिवार को राष्ट्रपति के नाम तहसीलदार ज्योत्स्ना सिंह को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में तीनों कृषि कानूनों को रद करने और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के लिए गारंटी कानून बनाने की मांग की गई। ज्ञापन में भाकियू लोकशक्ति के युवा जिलाध्यक्ष आशीष भारद्वाज ने कहा कि तीनों कृषि विधेयकों को रद करते हुए एमएसपी के लिए गारंटी कानून बनाया जाए, ताकि कोई व्यापारी या कंपनी एमएसपी से कम पर किसान की उपज की खरीद न कर सके।
2006 में गठित स्वामीनाथन आयोग द्वारा प्रेषित रिपोर्ट को अक्षरश: लागू किया जाए। प्रधानमंत्री ने 24 मार्च 2015 को पंजाब के फिरोजपुर के हुसैनीवाला गांव जाकर सरदार भगत सिंह के स्मारक पर 60 वर्ष पूरे कर चुके किसानों को पांच हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन की घोषणा की थी, लेकिन सात साल बीत जाने के बाद भी पेंशन दिए जाने का वादा पूरा नहीं किया गया है।
सांसद और विधायकों को दिए जा रहे वेतन व पेंशन को बंद किया जाना चाहिए, क्योंकि यह नौकरी नहीं, बल्कि समाजसेवा करते हैं। किसान के सभी कर्जे माफ किए जाएं, ताकि वे आत्महत्या के लिए विवश न हो सकें। गन्ने का मूल्य 500 रुपये प्रति क्विंटल किया जाए और करोड़ों रुपये का गन्ना विधान का बकाया मूल्य सूद सहित अदा किया जाए। इस मौके पर कुलदीप सिंह तोमर, अंकुर गोस्वामी, विनीत शर्मा, सौरभ शर्मा, अनुपम श्रोतिय आदि मौजूद थे।