केंद्रीय मार्ग निधि योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2018-19 में चालू कार्यों के लिए शासन स्तर से धनराशि अवमुक्त की गई है। इसमें हाथरस और अलीगढ़ के दो प्रमुख मार्गों के निर्माण के लिए भी अलग-अलग 90.30 लाख और 135.05 लाख की धनराशि जारी की गई है। धनराशि जारी होने के बाद अब इन दोनों मार्गों के चालू निर्माण कार्य में तेजी आ सकेगी।
शासन स्तर से हाथरस में आगरा-जलेसर-सिकंदराराऊ मार्ग के किमी 62 से किमी 74.4 तक चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण का कार्य किए जाने के लिए अवशेष धनराशि 90.30 लाख अवमुक्त की गई है। इस मार्ग की लंबाई करीब 13.70 किमी है।
स्वीकृत लागत 1806.00 लाख थी, जिसमें से 31 मार्च 2018 तक 1715.70 लाख रुपये की धनराशि अवमुक्त हो चुकी थी। इसी तरह अलीगढ़ से गोंडा मार्ग किमी 0.00 से 18.200 तक के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण के लिए अवशेष 135.05 लाख रुपये की धनराशि अवमुक्त की गई है। इस मार्ग की लंबाई 16.20 किमी थी। मार्ग का निर्माण कार्य 2701.00 लाख की लागत से हो रहा था, जिसमें से 2565.95 लाख की धनराशि 31 मार्च 2018 तक अवमुक्त हो चुकी है।
शासन स्तर से समय से दोनों मार्गों पर काम पूरा कराने के आदेश दिए गए हैं। शासन के विशेष सचिव योगेश्वर राम मिश्र ने इस संबंध में प्रमुख अभियंता (विकास) एवं विभागाध्यक्ष लोक निर्माण विभाग लखनऊ के अलावा दोनों जिले के जिलाधिकारी को भी शासनादेश जारी कर दिए हैं।
आगरा जलेसर सिकंदराराऊ मार्ग के लिए शासन से अवशेष धनराशि की डिमांड की गई थी, धनराशि अवमुक्त होने की जानकारी मिली है। इस धनराशि से मार्ग पर शेष बचे कार्य को भी शीघ्र पूरा करा लिया जाएगा।
- आरके मिश्रा, एक्सईएन, पीडब्लूडी, हाथरस।