शहर के लक्ष्मी टॉकीज में फिल्म पद्मावत के प्रदर्शन को लेकर गुरुवार को अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा और प्रताप सेना के कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया और टॉकीज के बाहर धरने पर बैठ गए। इस दौरान काफी पुलिस फोर्स टॉकीज के बाहर सुरक्षा में तैनात रहा। कार्यकर्ताओं की पुलिस से नोकझोंक हुई।
देर शाम कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री के नाम नायब तहसीलदार को ज्ञापन साैंपा लेकिन इसके बाद भी वह धरने पर डटे रहे। देर शाम सदर कोतवाली पुलिस ने छह कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया और कुछ देर बाद चेतावनी देकर दस-दस हजार रुपये के मुचलके पर छोड़ दिया।
लक्ष्मी टॉकीज के संचालक ने गुरुवार सुबह सदर कोतवाली पुलिस को पत्र सौंपकर टॉकीज में पद्मावत फिल्म के प्रदर्शन की जानकारी दी और सुरक्षा की गुहार लगाई। लक्ष्मी टॉकीज में पद्मावत के प्रदर्शन की खबर पर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा और प्रताप सेना के कार्यकर्ता सदर कोतवाली पहुंच गए और फिल्म का प्रदर्शन रोके जाने की मांग की। सदर कोतवाली पुलिस ने इससे साफ इंकार कर दिया और टॉकीज के बाहर हंगामा करने या तोडफ़ोड़ करने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी।
इसके बावजूद कार्यकर्ताओं ने कोतवाली के बाहर प्रदर्शन किया और जुलूस निकालते हुए टॉकीज के बाहर पहुंचकर इकट्ठा हो गए। यहां उनके अन्य साथी कार्यकर्ता भी आ गए। एहतियातन कई थानों का फोर्स टॉकीज के बाहर तैनात कर दिया गया। सीओ सिटी के नेतृत्व में पुलिसकर्मियों ने टॉकीज की सुरक्षा को मोर्चा संभाल लिया। टॉकीज को नुकसान पहुंचाने के अंदेशे के कारण डॉग स्क्वॉयड और मैटल डिटेक्टर से टॉकीज के अंदर के हर हिस्से की बारीकी से जांच की गई।
इस दौरान टॉकीज के बाहर जमे कार्यकर्ता धरने पर बैठ गए और देर शाम तक धरने पर ही डटे रहे। कार्यकर्ताओं के हंगामे और नारेबाजी पर कई बार उनकी झड़प पुलिस अधिकारियों से हुई। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा और प्रताप सेना ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम नायब तहसीलदार मनोज वार्ष्णेय को ज्ञापन सौंपकर फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाए जाने की मांग की।