भीम आर्मी को रोकने के लिए तैनात पुलिस।
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संवाद न्यूज एजेंसी, सासनी (हाथरस)।
जिले की सीमा पर स्थित हनुमान चौकी पर रविवार की दोपहर को करीब एक बजे भीम आर्मी के चीफ चंद्रशेखर के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं का काफिला पहुंचा तो पुलिस-प्रशासन सकते में आ गया। खुद आईजी अलीगढ़ पीयूष मोर्डिया और एसपी विनीत जायसवाल के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स और पीएसी के जवानों ने कड़ा सुरक्षा घेरा बनाकर इन कार्यकर्ताओं को आगे नहीं बढ़ने दिया। बैरियर लगाकर वाहनों की आवाजाही रोक दी गई। काफी देर तक इंतजार करने के बाद जब इन कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने की मंजूरी नहीं मिली तो वह वाहनों से उतरकर पैदल ही सासनी की तरफ चलने लगे।
कोतवाली सासनी पर भी पुलिस फोर्स ने इन कार्यकर्ताओं की रोकथाम का पूरा इंतजाम कर रखा था। हालांकि इस दौरान कोतवाली सासनी पर अधिकारियों से मंत्रणा करने के बाद आईजी तो अलीगढ़ रवाना हो गए। इसके बाद अपर जिलाधिकारी जेपी सिंह और अपर पुलिस अधीक्षक प्रकाश कुमार ने मोर्चा संभाल लिया और कार्यकर्ताओं को थाने तक नहीं पहुंचने दिया। आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने हाईवे पर बैठक कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। जमकर नारेबाजी की गई। यह सिलसिला करीब तीन घंटे तक चलता रहा। भीम आर्मी के कार्यकर्ता पीड़ित बिटिया के गांव जाने की जिद पर अड़े रहे। पुलिस प्रशासन ने वाहनों की आवाजाही को रोकने के लिए सड़क किनारे आवागमन ठप कर दिया, जिससे मार्ग के दोनों तरफ वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं। करीब सवा तीन बजे एडीएम ने भीम आर्मी के चीफ से वार्ता कर दो गाड़ियों में कुल सात लोगों को जाकर पीड़िता के परिजनों से मिलने की अनुमति दे दी, जिसके बाद भीम आर्मी के चीफ बिटिया के परिजनों से मिलने रवाना हो गए। जाते समय उन्होंने कार्यकर्ताओं से पूरी तरह जाम खोलने के लिए कहा और बोले कि जब तक वह लौटकर आएं, तब तक सड़क किनारे बैठकर उनका इंतजार करें।
पुलिस अधिकारियों से वार्ता करते भीम आर्मी के चीफ चंद्रशेखर। - फोटो : SASNI