हाथरस केस लगातार चौथे दिन से भी सुर्खियों में रहा। चंदपा की बेटी के परिवार का दुख-दर्द बांटने के लिए उनके घर नेताओं की आवाजाही का क्रम जारी है। रविवार को सपा का प्रतिनिधि मंडल, रालोद नेता जयंत चौधरी और आजाद समाज पार्टी के मुखिया चंद्रशेखर आजाद पहुंचे। इस बीच पीड़िता के पिता की तबीयत थोड़ी बिगड़ गई। जैसे ही अधिकारियों को इस बात की जानकारी दी गई तो हड़कंप मच गया। आनन-फानन में स्वास्थ्य विभाग की एक टीम पीड़िता के घर भेजी गई। डॉक्टरों ने पीड़िता के पिता का चेकअप किया। डॉक्टरों ने जांच में उनका ब्लड प्रेशर सामान्य से अधिक पाया। जिसके उन्हें दवा दी गई।
सपा ने न्यायिक जांच की मांग पर दिया जोर
बिटिया के गांव सबसे पहले समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधि मंडल पहुंचा। इसमें राष्ट्रीय महासचिव रामजीलाल सुमन, प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल, पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव, अक्षय यादव, अतुल प्रधान आदि शामिल थे। इन्होंने बिटिया के पिता व मां से अलग-अलग बातचीत की। इस दौरान परिवार ने एक ही बात कही कि वे न तो नार्को टेस्ट पर विश्वास करते हैं और न सीबीआई जांच पर, क्योंकि दोनों सरकार की एजेंसियां हैं। जैसे हमारी पोस्टमार्टम रिपोर्ट से लेकर दुष्कर्म की रिपोर्ट में छेड़छाड़ हुई है, उसी तरह इनमें भी हो सकती है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के किसी जज की अगुवाई में गठित आयोग से जांच कराई जाए। वहीं परिवार ने सुरक्षा, धमकियां मिलने, प्रशासन द्वारा किए गए व्यवहार आदि पर बात रखी। सपा प्रतिनिधि मंडल ने इस दौरान कहा कि वे परिवार के साथ हैं और परिवार की आवाज को प्रदेश व राष्ट्रीय स्तर पर बुलंद करेंगे। साथ में हर कदम साथ निभाने का वायदा किया।
रालोद ने किया महिला आयोग में जाने का वादा
सपा के बाद राष्ट्रीय लोकदल नेता जयंत चौधरी, पूर्व विधायक प्रताप चौधरी, जयंत चौधरी प्रवक्ता सुनील रोहटा, सागर मालती, सुलेखा चौधरी आदि पहुंचे। इन नेताओं ने भी पिता, मां व भाइयों से अलग-अलग बात की और संवेदना व्यक्त करते हुए परिवार के साथ खड़े होने का वादा करते हुए उनकी समस्या पूछी। परिवार ने अपनी वही बातें दोहराईं।
सुरक्षा का मसला भी रखा। इस पर नेताओं ने कहा कि उनकी पार्टी के लोग बराबर आपके संपर्क में रहेंगे। वहीं रालोद नेता जयंत चौधरी ने कहा कि उनकी पार्टी इस मामले में सोमवार को लखनऊ में राज्य महिला आयोग और फिर दिल्ली में राष्ट्रीय महिला आयोग के पदाधिकारियों से मुलाकात करेगी। इसके बाद यह नेता परिवार को सांत्वना देते हुए चले गए।