प्रशासन और आपूर्ति विभाग भले ही सतर्कता के दावे कर रहे हैं, लेकिन सत्यापन में एक बार फिर यह बात सामने आई है कि बड़ी संख्या में अपात्र जरूरतमंदों के हक का राशन डकार रहे हैं। सत्यापन में 2948 ऐसी राशन कार्ड धारक महिलाएं चिह्नित की गई हैं, जोकि पति की मौत के बाद उनकी यूनिट का राशन ले रही थीं। अब इनके नाम राशन कार्डधारकों की सूची से काटने की तैयारी की जा रही है।
शासन के निर्देश पर आपूर्ति विभाग की ओर से जिले में राशन कार्डधारकों की 2948 यूनिट और 4545 राशन कार्ड काटने की कार्रवाई की गई। विधवा पेंशन के सत्यापन में पता चला है कि 2948 ऐसी महिला कार्डधारक हैं, जिनके पति की मृत्यु हो चुकी है, लेकिन उन्होंने इसकी सूचना आपूर्ति विभाग को देकर पति का नाम राशन कार्ड की सूची से नहीं हटवाया है। इस कारण पति की यूनिट का राशन भी वह लगातार ले रही हैं। जांच में इसका खुलासा होने के बाद इन राशन कार्डाें से यूनिट खत्म करने की तैयारी की जा रही है।
आपूर्ति विभाग के सत्यापन में यह भी सामने आया है कि 4320 आयकरदाता भी गरीबों के हक का खाद्यान्न ले रहे थे। यहां तक कि दो हेक्टेयर से अधिक भूमि वाले 225 ऐसे किसानों के नाम भी सामने आए हैं, जोकि सरकारी राशन ले रहे हैं। आपूर्ति विभाग की ओर से इन सभी के नाम राशन कार्ड की सूची से हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिला पूर्ति अधिकारी ध्रुवराज यादव ने बताया कि इनकी जगह नए पात्र लोगों के नाम राशन कार्डधारकों की सूची में पोर्टल पर जोड़े जाएंगे, ताकि जरूरतमंदों को इसका फायदा मिल सके।