इस मामले में विवेचना व अन्य साक्ष्य संकलन के लिए एसपी चिंरजीवनाथ सिन्हा ने सीओ सदर के निर्देशन में एसआईटी का गठन किया। पुलिस अधीक्षक चिंरजीवनाथ सिन्हा ने बताया कि जांच में तथ्य सामने आए कि पीसी बागला महाविद्यालय की पीडिताओं द्वारा अपने साथ किए गए यौन शोषण की शिकायत जब प्राचार्य महावीर सिंह छौंकर से की गई तो इनके द्वारा धमका गया और कहा गया कि बेवजह कॉलेज की बदनामी करना चाहती हो यदि तुमने शिकायत की तो तुम्हारा कैरियर बर्बाद हो जाएगा। यहां तक कि प्राचार्य को संबंधित वीडियो की जानकारी होने के बाद भी पहले तो कोई कार्रवाई नहीं की गई और आरोपी प्रोफेसर को बढ़ावा दिया गया ।
पुलिस ने पीड़िताओं के बयानों के आधार पर प्राचार्य को मंडी समिति के निकट से गिरफ्तार किया। पुलिस प्राचार्य को आरोपी बनाकर न्यायालय में पेश किया। न्यायालय में पुलिस ने आपराधिक षडयंत्र , दुष्कर्म व आईटी एक्ट की धारा में जेल भेजने के लिए रिमांड प्रार्थना दिया। पुलिस के रिमांड प्रार्थना पत्र को न्यायालय ने खारिज करते हुए लोक सेवक द्वारा अपने पदीय दायित्व का निर्वहन न करने की धारा में रिमांड स्वीकार करते हुए जमानत दे दी है।
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पीड़ित छात्राओं के बयानों के आधार पर प्राचार्य को गिरफ्तार किया गया है। प्राचार्य द्वारा पीडित छात्राओं को धमकाया जाता था। शिकायत का संज्ञान होने के बाद भी कार्रवाई न करने और साक्ष्य को मिटाने का भी आरोप है। -चिंरजीवनाथ सिन्हा, एसपी, हाथरस