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पाबंदी हटी तो बिटिया के घर लगा सियासी जमघट, सब ने किया न्याय दिलाने का वादा

Mon, 05 Oct 2020 04:45 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस/अलीगढ़

सार

  • कड़ी सुरक्षा के बीच सिर्फ पांच-पांच लोगों को ही गांव के अंदर ले जाया गया
  • आजाद के पहुंचने पर बने तनाव के हालात, पुलिस-प्रशासन के पसीने छूटे
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भीम आर्मी के मुखिया चंद्रशेखर आजाद - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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बिटिया के गांव में सियासी दलों और मीडिया के प्रवेश पर लगी पाबंदी हटने के बाद नेताओं का जमघट लग गया है। शनिवार को राहुल और प्रियंका गांधी परिवार से मिलकर और हालचाल जानकर गए थे तो रविवार को भी कई सियासी दलों के नेता वहां पहुंचे और सब ने न्याय दिलाने की बात कही। 

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पाबंदी हटने के बाद से ही चंदपा की बेटी के परिवार का दुख-दर्द बांटने के लिए उनके घर नेताओं की आवाजाही का क्रम जारी है। रविवार को सपा का प्रतिनिधि मंडल, रालोद नेता जयंत चौधरी और आजाद समाज पार्टी के मुखिया चंद्रशेखर आजाद पहुंचे। इस दौरान सबसे खास बात यह रही कि सपा व रालोद नेताओं ने परिवार से मुलाकात कर उनकी जरूरत पूछी। हर कदम पर साथ खड़े होने का वादा किया। चंद्रशेखर आजाद ने परिवार से मुलाकात कर नब्ज टटोलते हुए परिवार की सुरक्षा का मुद्दा उठाया। साफ कहा कि परिवार यहां सुरक्षित नहीं है। प्रशासन या तो परिवार को अपने साथ ले जाने दे या फिर वाई श्रेणी की सुरक्षा दे।

सपा ने न्यायिक जांच की मांग पर दिया जोर
बिटिया के गांव सबसे पहले समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधि मंडल पहुंचा। इसमें राष्ट्रीय महासचिव रामजीलाल सुमन, प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल, पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव, अक्षय यादव, अतुल प्रधान आदि शामिल थे। इन्होंने बिटिया के पिता व मां से अलग-अलग बातचीत की। इस दौरान परिवार ने एक ही बात कही कि वे न तो नार्को टेस्ट पर विश्वास करते हैं और न सीबीआई जांच पर, क्योंकि दोनों सरकार की एजेंसियां हैं। जैसे हमारी पोस्टमार्टम रिपोर्ट से लेकर दुष्कर्म की रिपोर्ट में छेड़छाड़ हुई है, उसी तरह इनमें भी हो सकती है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के किसी जज की अगुवाई में गठित आयोग से जांच कराई जाए। वहीं परिवार ने सुरक्षा, धमकियां मिलने, प्रशासन द्वारा किए गए व्यवहार आदि पर बात रखी। सपा प्रतिनिधि मंडल ने इस दौरान कहा कि वे परिवार के साथ हैं और परिवार की आवाज को प्रदेश व राष्ट्रीय स्तर पर बुलंद करेंगे। साथ में हर कदम साथ निभाने का वायदा किया।
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रालोद ने किया महिला आयोग में जाने का वादा
सपा के बाद राष्ट्रीय लोकदल नेता जयंत चौधरी, पूर्व विधायक प्रताप चौधरी, जयंत चौधरी प्रवक्ता सुनील रोहटा, सागर मालती, सुलेखा चौधरी आदि पहुंचे। इन नेताओं ने भी पिता, मां व भाइयों से अलग-अलग बात की और संवेदना व्यक्त करते हुए परिवार के साथ खड़े होने का वादा करते हुए उनकी समस्या पूछी। परिवार ने अपनी वही बातें दोहराईं। सुरक्षा का मसला भी रखा। इस पर नेताओं ने कहा कि उनकी पार्टी के लोग बराबर आपके संपर्क में रहेंगे। वहीं रालोद नेता जयंत चौधरी ने कहा कि उनकी पार्टी इस मामले में सोमवार को लखनऊ में राज्य महिला आयोग और फिर दिल्ली में राष्ट्रीय महिला आयोग के पदाधिकारियों से मुलाकात करेगी। इसके बाद यह नेता परिवार को सांत्वना देते हुए चले गए।

आजाद ने उठाया सुरक्षा का मुद्दा, परिवार को साथ ले जाने को कहा
दोपहर में आजाद समाज पार्टी/ भीम आर्मी के मुखिया चंद्रशेखर आजाद, पूर्व मंत्री चौ. महेंद्र सिंह, असद हयात आदि कुछ कार्यकर्ताओं को प्रशासनिक टीम परिवार से मिलाने लेकर पहुंची। इस दौरान आजाद ने परिवार के लोगों से अकेले में बातचीत की। तीस मिनट तक बातचीत के बाद आजाद ने बाहर आकर यह मुद्दा उठाया कि परिवार की सुरक्षा को खतरा है। वह इस परिवार को अपने साथ ले जाना चाहते हैं या फिर प्रशासन वाई श्रेणी की सुरक्षा का वायदा करे। साथ में उन्होंने भी परिवार की मांग के अनुसार न्यायिक जांच की मांग पर जोर दिया। परिवार ने भी उनके साथ जाने की बात कही। किसी तरह प्रशासन ने उन्हें समझाया और सुरक्षा का भरोसा दिलाया। तब जाकर वे वहां से जाने को तैयार हुए। पुलिस प्रशासनिक मशीनरी कड़े घेरे में उन्हें बाहर लेकर गई। उनके जाने पर प्रशासन ने राहत की सांस ली।

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