रेवेन्यू बार एसोसिएशन की बैठक शुक्रवार को अधिवक्ता कक्ष में हुई। इसमें सर्वसम्मति से तय किया गया कि तहसील सदर में बिना सीओपी कार्डधारक अधिवक्ता वकालत नहीं कर पाएंगे।
अध्यक्षता अध्यक्ष प्रमोद गोस्वामी ने की और संचालन मीडिया प्रभारी शशांक पचौरी ने किया। तय किया गया कि तहसील के किसी भी न्यायालय में बिना पंजीकृत अधिवक्ता अथवा मुंशी के अलावा कोई भी व्यक्ति किसी भी प्रकार का कानूनी कार्य नही करेगा। तहसील के किसी भी न्यायालय में अधिवक्ता तथा मुंशियों के अलावा अन्य कोई व्यक्ति फालतू नही बैठेगा और न्यायालय की पत्रावली और न्यायालय से संबंधित दस्तावेजों को नहीं देखेगा।
अध्यक्ष ने कहा कि सभी सीओपी धारक अधिवक्ता अपनी मोहर बनवा लें, जिसमें रजिस्ट्रेशन नंबर, सीओपी नंबर और मोबाइल नंबर अंकित हों, अन्यथा उनका वकालतनामा स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने तहसील के सभी पीठासीन अधिकारियों से अपील की कि वह किसी भी बिना सीओपी धारक अधिवक्ता द्वारा प्रस्तुत वकालतनामा या परचा स्वीकार नहीं करें। इस प्रस्ताव को अपने न्यायालय के नोटिस बोर्ड पर चस्पा कराएं। इस संबंध में सोमवार को एक प्रतिनिधिमंडल उपजिलाधिकारी से वार्ता करेगा। बैठक में सुरेशचंद्र शर्मा, सचिव जेपी शर्मा, भूपेंद्र शर्मा, मुन्नालाल निमेष, राजू सिंह, अजय शर्मा, ललित श्रोती, अमित उपाध्याय, नितिन जैसवाल, अवधेश शर्मा, राकेश चौधरी आदि अनेक अधिवक्ता मौजूद थे।