मेंडू की कान्हा गोशाला में कीचढ़ में बैठे गोवंश। संवाद
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बारिश के मौसम में गोशालाओं के बुरे हाल है। दलदल और कीचड़ के बीच गोवंशीय पशु रह रहे हैं और बीमार पड़ रहे हैं।
हाथरस जंक्शन के कैलोरा स्थित गोशाला में करीब 250 गोवंश हैं। यहां पड़े टिन शेड के बाहर ही नहीं उनके नीचे भी गंदगी का अंबार लगा है। यही स्थिति मुरसान के नगला गोजिया स्थित गोशाला की भी है। यहां करीब 265 गोवंश कीचड़ में रह रहे हैं। मेंडू की कान्हा गोशाला में 332, सासनी की पराग डेयरी में 1470, समामई गोशाला में 160 गोवंश में भी ऐसे ही हालत में रह रहे हैं। सीवीओ विजय सिंह का कहना है कि प्रत्येक गोशाला की देखरेख की जिम्मेदारी प्रधान और सचिव की है। हो सकता है कि आज किसी कारणवश सफाई न हो पाई हो। भ्रष्टाचार की शिकायत भ्रामक है। प्रधान व सचिव प्रत्येक दिन गोवंशों की गिनती करके रिपोर्ट देते हैं। उसके आधार पर ही भुगतान होता है।
सादाबाद की गोशाला में छह गोवंश बीमार।
सदाबाद के मंडी समिति गोशाला में गोशाला के मुख्य द्वार पर ही छह बीमार गोवंश पड़े हैं, जिन्हें उपचार की आवश्यकता है, लेकिन इन्हें उपचार नहीं मिल पा रहा। करीब 550 गोवंश इस गोशाला में रखे गए हैं।
भ्रष्टाचार के आरोप लगा की शिकायत
भारतीय जीव जंतु कल्याण परिषद के सचिव कृष्ण गोपाल शास्त्री ने डीएम हाथरस को की गई शिकायत में आरोप लगाया है कि गोशालाओं में गोवंश टैगिंग में भ्रष्टाचार हो रहा है। इसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। विभागीय पोर्टल पर जो संरक्षित गोवंशों की संख्या दर्शाई गई है, वह वास्तविकता से पूर्णत: भिन्न और भ्रामक है।