संवाद न्यूज एजेंसी, सिकंदराराऊ।
बार एसोसिएशन ने एसडीएम और तहसीलदार न्यायालय की कार्यशैली पर विरोध जताते हुए गुरुवार से उनका अनिश्चितकालीन बहिष्कार शुरू कर दिया है। इसके लिए वकीलों ने पांच सदस्यीय कमेटी भी गठित कर दी है। एसडीएम का कहना है कि वकील दबाव बनाकर नियम विरुद्घ काम कराना चाहते हैं।
तहसील के गेट पर बैठे वकीलों ने कहा कि तहसीलदार और एसडीएम दोनों की कार्य प्रणाली असंतोषजनक है। कानून विरुद्ध काम करने में दोनों अधिकारी एक-दूसरे का सहयोग करते हैं। बार द्वारा पूर्व में वार्ता के क्रम में रखी गई शर्तों का कोई अनुपालन नहीं किया गया है। तहसीलदार अदालत से लंबित अविवादित दाखिल-खारिज का शीघ्र निस्तारण किया जाए। लेखपालों की तरफ से पत्रावली काफी देर से आ रही हैं। दाखिल खारिज की पत्रावलियां किसानों के घर ले जाकर उनसे सुविधा शुल्क की मांग की जा रही है। एसडीएम कार्यालय के कर्मचारियों का व्यवहार सही नहीं हैं। एसडीएम का व्यवहार भी उचित नहीं है। एसडीएम विजय शर्मा का कहना है कि नायब तहसीलदार तथा तहसीलदार पर नाजायज दबाव बनाकर अवैध रूप से काम करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। इससे मना किया गया तो बहिष्कार कर दिया गया। तहसील के हर न्यायालय में काम नियम के अनुसार किया जाएगा। कोई दबाव बर्दाश्त नहीं होगा। वकीलों ने जो पांच सदस्यीय समिति बनाई है, उसमें गौरी शंकर गुप्ता को अध्यक्ष तथा अवनेश कुमार शर्मा, रनवीर सिंह, ओमप्रकाश गौतम, राजकुमार यादव को सदस्य बनाया गया है।
अशोक कुमार गुप्ता बार अध्यक्ष, रामकुमार यादव, रवेंद्र कुमार यादव, हुकुम सिंह बघेल, केएम कुलश्रेष्ठ, युवराज सिंह चौहान, सूरजपाल, जितेंद्र यादव, अरविंद शर्मा, योगेंद्र सिंह, नरेशप्रताप सिंह, इंद्र पाल सिंह, महेंद्रपाल शैलानी, रमेश चंद्र शर्मा, देवकांत कौशिक, जयप्रकाश गुप्ता, सुमित उपाध्याय, बृजेश यादव, राधेश्याम यादव आदि थे।