कोतवाली में रविवार को शिकायत लेकर पहुंचे अधिवक्ता को एक पुलिस कर्मी ने पीट दिया। अधिवक्ता की शिकायत पर एसपी ने पुलिस कर्मी को लाइन हाजिर कर दिया है।
इधर, सोमवार को इस घटना के विरोध में अधिवक्ताओं ने एसडीएम को ज्ञापन भी सौंपा और आरोपी पुलिस कर्मी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की मांग की।
अधिवक्ता हर्षित लवानिया का कहना है कि वह रविवार की दोपहर को कोतवाली में राज मिस्त्री की शिकायत लेकर गए थे। उनका कहना था कि राजमिस्त्री ने उन्हें धमकी दी थी कि वह छत से गिरकर मर जाएगा।
कोतवाली निरीक्षक शिवकुमार शर्मा ने तत्काल एक पुलिस कर्मी को उनके साथ जाने के लिए कहा। इस बीच दूसरा पुलिस कर्मी संदीप राघव वहां आया और उनसे बोला कि मैं शनिवार को ही फैसला कराके आया हूं, तुम फिर आ गए।
आरोप है कि यह कहते हुए पुलिस कर्मी संदीप राघव ने उनसे अभद्रता की और पीटना शुरू कर दिया। अधिवक्ता ने इसकी शिकायत सीओ से की। सीओ ने एसपी को अवगत कराया, जिसके बाद सिपाही संदीप राघव को लाइन हाजिर कर दिया गया।
इधर, सोमवार को दि बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने बैठक कर इस घटना की निंदा की और एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। अधिवक्ताओं ने साफ कहा कि जब तक सिपाही संदीप राघव के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं होगा, वह काम नहीं करेंगे।
ज्ञापन देने वालों में एमपी सिंह, मनवीर सिंह बालियान, प्यारेलाल शर्मा, प्रशांत पाठक, मधुकर नगाइच, राजेश शर्मा, योगेश शर्मा, प्रशांत गौड़, राजेश गौड़, भरत सिंह बघेल आदि शामिल थे।
सीओ योगेंद्रनारायण कृष्ण का कहना है कि अधिवक्ता की शिकायत पर सिपाही को लाइन हाजिर कर दिया गया। उसके खिलाफ विभागीय जांच शुरू करा दी गई है। दोषी मिलने पर उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।