राखी बेगम ने अपनी जायदाद फिरोज खां के नाम कर दी थी। फिरोज खां की पत्नी वृद्धा को परेशान करने लगी। वृद्धा ने पुश्तैनी घर देने से इंकार कर दिया था। आरोपी ने पत्नी के साथ मिलकर वृद्धा की गला दबाकर हत्या कर दी।
हाथरस में कोतवाली हसायन क्षेत्र के कानऊ में पैतृक प्लॉट के लिए दत्तक पुत्र ने अपनी पत्नी के साथ मिलकर गला दबाकर अपनी मां की हत्या की थी। पुलिस ने हत्यारोपी दंपती को गिरफ्तार करते हुए घटना का खुलासा किया है।
विज्ञापन
फिरोज खां निवासी कानऊ थाना हसायन ने 6 फरवरी को अज्ञात आरोपियों के खिलाफ उसकी मां की हत्या करने का मुकदमा दर्ज कराया था। 80 वर्षीय राखी बेगम का शव घेर पर वस्त्रहीन पड़ा मिला था। इससे गांव में सनसनी फैल गई थी। एसपी चिरंजीव नाथ सिन्हा ने बताया कि पुलिस ने रविवार को फिरोज खां व उसकी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है।
फिरोज खां ने बताया कि राखी बेगम ने 45 वर्ष पूर्व उसे गोद लिया था। उन्होंने पूर्व में अपनी जायदाद फिरोज खां के नाम कर दी थी। उनके नाम पुश्तैनी प्लाॅट था। राखी बेगम के पति की मृत्यु के बाद आरोपी फिरोज खां की पत्नी उसे परेशान करने लगी। इसलिए राखी बेगम ने पुश्तैनी घर देने से इंकार कर दिया था।
विज्ञापन
राखी बेगम की सोने की अंगूठी को फिरोज की पत्नी ने मारपीट कर छीन लिया था। जिससे वे नाराज होकर अपने मायके जाना चाहती थी। इससे फिरोज को लगा कि यदि वे मायके चली गई तो यह प्लॉट किसी और के नाम कर देंगी। इसी बात को लेकर आरोपी ने पत्नी के साथ मिलकर वृद्धा की गला दबाकर हत्या कर दी।