गांव मेंडू में द्वितीय बैच की समायोजित शिक्षामित्र की दो दिन पूर्व अचानक तबियत खराब हो गई। इसे उपचार के लिए डॉ. राममनोहर लोहिया अस्पताल दिल्ली तक ले जाया गया, जहां इसकी मौत हो गई। शिक्षामित्र की मौत के बाद बड़ी संख्या में शिक्षामित्रों ने मेंडू पहुंचकर अंतिम यात्रा में भाग लिया है।
कस्बा मेंडू के पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष लालाराम रावल की पुत्रवधू 31 वर्षीय अरुणा पत्नी शांतनू रावल बेसिक शिक्षा विभाग के सहपऊ ब्लॉक के गांव नगला सुखराम में शिक्षामित्र बनी थी। 1 मई, 2015 को विभागीय समायोजन के बाद विकल्प के आधार पर इसी विद्यालय में इसे समायोजित शिक्षक के रूप में कार्य करने का मौका मिला। बाद में 25 जुलाई, 2017 को सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षा मित्रों का समायोजन निरस्त कर दिया।
इसके बाद यह समायोजित शिक्षामित्र लगातार आंदोलन चला रहे हैं। प्रदेश सरकार से भी इनके प्रदेश स्तरीय नेतृत्व ने भी कई बार सहानुभूतिपूर्वक निर्णय लेने का आग्रह किया है। प्रदेश व देश की सरकार का कोई निर्णय न आने से अब शिक्षामित्रों की उम्मीदें धूमिल होने लगी हैं। चर्चाएं हैं कि इसे देखकर अरुणा की दो दिन पूर्व अचानक तबियत खराब हो गई। इसको उपचार के लिए शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से इसे अलीगढ़ रैफर कर दिया।
यहां भी स्थिति खराब होने के बाद इसे डॉ. राममनोहर लोहिया अस्पताल दिल्ली में भी भर्ती कराया गया। यहां उपचार के दौरान अरुणा की मौत हो गई। आदर्श समायोजित शिक्षामित्र एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष बृजेश वशिष्ठ ने इस घटना के पीछे सरकार द्वारा शिक्षामित्रों के हक में कोई सहानुभूतिपूर्वक निर्णय न लिया जाना बताया है।