मालगाड़ी के चालक (लोको पायलट) को नींद आने पर उसने ट्रेन को हाथरस सिटी स्टेशन पर रोक दिया और गहरी नींद में सो गया। न जागने पर मालगाड़ी स्टेशन पर पांच घंटे तक खड़ी रही। इस पर स्टेशन मास्टर ने दूसरे चालक और गार्ड की मदद से ट्रेन को स्टेशन से रवाना किया।
शनिवार तड़के सुबह करीब चार बजे हाथरस सिटी स्टेशन पर मालगाड़ी आई तो ड्राइवर नींद आने की बात कहकर मालगाड़ी को छोड़कर सोने चला गया। करीब चार घंटे 45 मिनट तक मालगाड़ी खड़ी रही। इस दौरान सिटी स्टेशन रेलवे फाटक काफी देर तक बंद रहा, जिससे लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी।
इसके बाद दूसरे ड्राइवर और गार्ड को बुलाकर सुबह आठ बजकर 50 मिनट पर मालगाड़ी को मथुरा के लिए रवाना किया। मालगाड़ी के स्टेशन पर खड़े रहने से कोई दूसरी ट्रेन प्रभावित नहीं हुई क्योंकि मालगाड़ी को दूसरे ट्रैक पर खड़ा किया था। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा के लिहाज से दूसरा ड्राइवर बुलाया जा सकता है। प्रभारी स्टेशन मास्टर गोपाल कुमार ने बताया कि ड्राइवर की ड्यूटी पूरी हो गई थी। मालगाड़ी कानपुर से मथुरा जा रही थी। कंट्रोल रूम को सूचना देने के बाद मथुरा से दूसरा ड्राइवर बुलाकर ट्रेन को रवाना किया।