बिना सर्जन और एनेस्थेटिस्ट के ऑपरेशन करने वाले निजी अस्पतालों पर कार्रवाई की जाएगी। यह बातें कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में डीएम अतुल वत्स ने कही। बैठक में उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं, अस्पतालों की व्यवस्थाओं और विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की।
डीएम ने जिला अस्पताल, सीएचसी व पीएचसी परिसरों में स्थित निष्प्रयोज्य भवनों का लोक निर्माण विभाग से मूल्यांकन कराकर आवश्यकतानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई कराने के निर्देश दिए। साथ ही मलबे की नियमानुसार नीलामी कराने, अस्पताल परिसरों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग व्यवस्था विकसित करने और नेडा के माध्यम से सोलर प्लांट स्थापित करने के लिए कार्ययोजना तैयार करने को कहा।
उन्होंने सभी एमओआईसी को निर्देश दिए कि यदि किसी स्वास्थ्य केंद्र पर संसाधनों या उपकरणों की आवश्यकता है तो दो दिन के भीतर मांग पत्र उपलब्ध कराएं, ताकि समय रहते व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा सकें।